हालांकि, ट्रिब्यूनल ने ये भी स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित मामलों के निर्णय पर निर्भर करेगा। नियमितीकरण के अलावा पीटीए शिक्षकों के मामले में सर्वोच्च अदालत से राय लेने का भी विकल्प राज्य सरकार के लिए खुला छोड़ा है। प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायाधीश वीके शर्मा ने कुछ पीटीए अध्यापकों की ओर से दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान ये आदेश दिए हैं।