फिर, प्रचार चाहे जिला सिरमौर में हो या हिमाचल के किसी भी हिस्से में। हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार के सुपुत्र एवं पूर्व विधायक कुश परमार ने बताया कि उन्हें अच्छी तरह याद है उनके पिता 30 मील तक का सफर एक दिन में ही तय कर लेते थे। कभी घोड़े पर सफर नहीं किया। यहां तक कि सरकारी कार्यक्रम के दौरान भी वह अधिकारियों के लिए घोड़े रखते थे। चुनाव प्रचार के दौरान साथ कुछ लोग ही उनके साथ चलते थे, लेकिन गांव में उन्हें देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ती थी। उनकी सादगी का हर कोई कायल था।