साल 2014 में इन सात हिमाचली खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिला। पूरी दुनिया ने इनका लोहा माना। आइए हम आपको बताते हैं।
विज्ञापन
इस साल दुनिया ने माना हिमाचली खिलाड़ियों का लोहा
2 of 8
अंतरराष्ट्रीय शूटर विजय कुमार ने ओलंपिक के साथ कई प्रतियोगिताओं में देश के लिए शानदार प्रदर्शन किया। इस साल इंचियोन एशियाड गेम्स में रजत पदक जीतने के साथ ही विजय ने ओलंपित में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। एशियाड गेम्स में पदक जीतने का पूरा दबाव था, लेकिन चोट के बावजूद बेहतर प्रदर्शन किया और देश के लिए सिल्वर मेडल जीता।
विज्ञापन
इस साल दुनिया ने माना हिमाचली खिलाड़ियों का लोहा
3 of 8
हिमाचल के सिरमौर जिले के शूटर समरेश जंग ने दक्षिण कोरिया में हुई 17वीं एशियाई खेलों में कांस्य पद जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। इसके लिए सीएम वीरभद्र ने उन्हें छह लाख रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की। समरेश जंग सिरमौर जिले के हरिपुरखोल के रहने वाले हैं। एयर पिस्टल शूटिंग के विशेषज्ञ हैं। वर्ष 2006 में हुई राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने पांच स्वर्ण, एक रजत तथा एक कांस्य पदक जीता था।
इस साल दुनिया ने माना हिमाचली खिलाड़ियों का लोहा
4 of 8
हिमाचल के उभरते ऑलरांउडर ऋषि धवन इस साल खूब चमके। आईपीएम में किंग्स इलेवन की टीम से खेलते हुए धवन ने अहम योगदान दिया। इसके अलावा हिमाचल और रणजी मैचों में भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा। धवन टीम इंडिया में शामिल होने के लिए अब हिमाचल की ओर से प्रबल दावेदार हैं।
विज्ञापन
इस साल दुनिया ने माना हिमाचली खिलाड़ियों का लोहा
5 of 8
पुरुषों की एशियाड कबड्डी चैंपियन के सदस्य अजय ठाकुर का सफर छठी कक्षा में जोनल स्तर की कबड्डी स्पर्धा में गोल्ड मेडल से शुरू हुआ। वह अब टीम इंडिया के उभरते खिलाड़ी बन गए हैं। 2014 में एशियन गेम्स में हुए मैचों में अजय ने भारत के लिए 25 प्वाइंट अर्जित किए।
विज्ञापन
इस साल दुनिया ने माना हिमाचली खिलाड़ियों का लोहा
6 of 8
हिमाचल के जिला शिमला के सुन्नी की रहने वाली सुषमा टीम इंडिया का अहम हिस्सा बन गई है। ये बल्लेबाज टीम इंडिया की ओर से कई अंतर्राष्ट्रीय मैचों में हिस्सा ले चुकी है। एचपीसीए से अपना सफर करने वाली सुषमा वर्ल्ड कप के लिए भी चुनी जा चुकी है। वह हिमाचल की इकलौती खिलाड़ी है तो टीम इंडिया के साथ नियमित बनी हुई है।
विज्ञापन
इस साल दुनिया ने माना हिमाचली खिलाड़ियों का लोहा
7 of 8
एशियाड में महिला कबड्डी टीम की सदस्य बिलासपुर की पूजा ठाकुर पर आज सब नाज कर रहे हैं। स्योहला गांव के सतपाल को आज सही मायनों में बेटी है अनमोल का अर्थ पता लग गया। पूजा मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनी हैं। कभी एशियन गेम्स में भाग लेने का सपना रखने वाली पूजा गोल्ड मेडलिस्ट टीम इंडिया का हिस्सा बनी है।
कबड्डी में भारत की विजेता टीम की सदस्य रही मनाली की कविता ठाकुर ने हिमाचल को बड़ी खुशी दी। 10 जनवरी 1993 को पृथ्वी सिंह ठाकुर और कृष्णा सिंह ठाकुर के घर में पैदा हुई कविता ठाकुर ने देश को गोल्ड मेडल जिताया। 2007 में कविता की प्रतिभा को साई हॉस्टल ने पहचाना। पढ़ने-लिखने और रहने का सारा खर्च साई वहन कर रहा है।