बड़े भाई ने शहीद की चिता को मुखाग्नि दी। शहीद जवान राजेश ऋषि अपने पीछे माता माया देवी, पिता रणजीत सिंह, पत्नी पिंकी, भाई-भाभी और दो भतीजों को छोड़ गए हैं। राजेश की शादी दो माह पहले 12 दिसंबर को हुई थी और विवाह के उपरांत वह 28 जनवरी को ड्यूटी पर लौटे थे। 20 फरवरी को नमज्ञा डोगरी नाले में हिमखंड के नीचे दब गए और 11 दिन बाद शनिवार को उनका शव निकाला जा सका।