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तस्वीरें: सीएम की अपील के बाद भी नहीं छूटे गुलदस्ते और हार, गाड़ी पर स्टीकर लगा पहुंचे विधायक

Thu, 11 Jan 2018 10:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सीएम जयराम ठाकुर की अपील के बाद भी गुलदस्तों और हार से स्वागत करने का मोह कम नहीं हुआ। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों और विधायकों का विधानसभा सत्र के दूसरे दिन भी गुलदस्तों या हार से स्वागत करने की होड़ रही। सीएम की अपील को अनसुना करते हुए अधिकतर प्रतिनिधिमंडलों और लोगों ने मंत्रियों और विधायकों को फूलों के गुलदस्ते थमाने में कोई कंजूसी नहीं बरती। 
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वित्तीय लाभ बहाल होने से गदगद पुन: रोजगार प्राप्त पूर्व सैनिकों ने मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों को फूलों का भारी-भरकम हार पहना डाला। मंत्रियों को भी धड़ाधड़ फूलों के बुके भेंट किए। बारी न आने से कई लोग साथ लाए हार वापस ले गए तो कइयों ने विधानसभा परिसर में स्थित फव्वारे की रेलिंग के साथ ही हार टांग दिए। 
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राज्यपाल ने नहीं खिंचवाई संयुक्त फोटो
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन अभिभाषण के बाद राज्यपाल आचार्य देवव्रत विधानसभा द्वार के बाहर अव्यवस्था देख 13वीं विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों के साथ संयुक्त फोटो खिंचवाए बिना ही चले गए। बाद में मुख्यमंत्री, उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों और पक्ष-विपक्ष के सभी विधायकों ने विधानसभा के बाहर संयुक्त फोटो खिंचवाया।

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सेल्फी लेने वालों की होड़
नई सरकार के मंत्रियों और विधायकों के साथ फोटो और सेल्फी खिंचवाने का क्रेज सत्र के दूसरे दिन भी बदस्तूर जारी रहा। माननीयों ने भी अपने समर्थकों व मिलने आए लोगों को निराश नहीं किया और खूब फोटो खिंचवाए। नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल के सदन से बाहर निकलते ही उनके साथ सेल्फी लेने की लोगों में होड़-सी लग गई।
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...आप बोलिए, हम मुस्करा देंगे
सदन के बाहर संयुक्त फोटो खिंचवाने के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपने चिरपरिचित अंदाज में दिखे। इस दौरान जब सर्वप्रथम मीडिया कर्मी विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों की संयुक्त फोटो खिंचने लगे तो मुख्यमंत्री बोले...आप बोलिए, हम मुस्करा देंगे।
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नहीं छूटा वीआईपी कल्चर
सरकार की ओर से वीआईपी कल्चर खत्म करने की बात भाषणों तक सीमित है। शीतकालीन सत्र के दौरान नेताओं ने इस पर मुहर भी लगा दी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद विधायकों की लाल बत्ती तो चली गई लेकिन अब विधायकी का रौब दिखाने के लिए गाड़ियों पर लाल बत्ती की जगह एमएलए लिखे बड़े-बड़े स्टीकर ही लगा दिए हैं।
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विधानसभा में पहुुंची बीजेपी-कांग्रेस के विधायकों की अमूमन गाड़ियों पर एमएलए लिखे बड़े-बड़े स्टीकर और पार्टी की झंडी लगी दिखाई दे रही थी। विधायकी का रौब दिखाने के लिए जब नेताओं से लाल बत्ती छिन ली गई तो उन्होंने खुद ही गाड़ी पर एमएलए लिखे स्टीकर लगा लिए हैं।

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इससे विधायक ही गाड़ी की पहचान भी बनी रहेगी और उनके ठाठ भी दिखाई देंगे। पूर्व की कांग्रेस सरकार में विधायकों की गाड़ियों से लाल बत्ती हट गई। विधायकों ने तब तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समक्ष अपनी बात रखी। इस दौरान विधायकों के ठाठ बनाए रखने के लिए उन्हें हैमर लाइट का प्रबंध कर दिया। इसके बाद केंद्र सरकार के आदेशों पर गाड़ियों से सभी प्रकार की बत्तियां हटा दी गईं।
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वीआईपी कल्चर खत्म करने को देश भर में मुहिम
देश में वीआईपी कल्चर समाप्त करने के लिए केंद्र में मोदी सरकार से लेकर प्रदेश स्तर पर कई प्रयास हो रहे हैं। जहां कई मंत्रियों और अधिकारियों ने गाड़ी से बत्ती हटाने की पहल भी की। 
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