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माइनस 12 डिग्री तापमान में आठ घंटे फंसे रहे 110 यात्री, बुजुर्गों-बच्चों की जान पर बनी

Sat, 25 Nov 2017 12:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति)
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माइनस 12 डिग्री तापमान में खून जमा देने वाली ठंड। बाहर बर्फीली हवाओं के थपेड़े तो वाहनों के भीतर दम घुटने जैसे हालात। भूख और प्यास से बिलखते बच्चे और तबीयत बिगड़ने से बुजुर्गों की जान पर बनी रही। लाहौल घाटी के कोकसर के पास पहले ग्रांफू और फिर राहनीनाला में शुक्रवार रात को आठ घंटे तक फंसे रहे 110 यात्रियों को ऐसे ही हालात से जूझना पड़ा।
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गनीमत रही कि बर्फीले इलाके में फंसे उनके 30 वाहनों को मढ़ी की रेस्क्यू टीम ने बीआरओ की मदद से तड़के करीब 3 बजे सुरक्षित निकाल लिया। जिंदगी और मौत के बीच झूलने जैसा अहसास करने वाले ये यात्री आपबीती सुनाते सिहर उठते हैं।
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राहनीनाला में फंसे गोशाल पंचायत के उपप्रधान अजित सिंह ने बताया कि बर्फ से हुई फिसलन के चलते एक ट्रक बेकाबू होकर सड़क के बीच ही फंस गया। ऐसे में सड़क मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया।

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30 बड़े और छोटे वाहन रात 3 बजे तक फंसे रहे। इससे पहले ये लोग ग्रांफू में करीब 5 घंटे तक फंसे रहे। हालांकि, रात 10 बजे तक कोकसर रेस्क्यू टीम ने ग्रांफू में फंसे सभी वाहनों को सुरक्षित निकाल दिया था, लेकिन रोहतांग की तरफ जाते समय वे फिर राहनीनाला के पास फंस गए।
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वाहन चालक सुरेश, अमर, कर्मा ने बताया कि चुंबकमोड़ से ब्यास नाला और रोहतांग से राहनीनाला के बीच सड़क पर बर्फ जम जाने से वाहन फंस रहे हैं।
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उन्हें बर्फीले इलाके में घंटों फंसे रहने से खौफनाक हालात से गुजरना पड़ा। उपायुक्त देवा सिंह नेगी ने बताया कि राहनीनाला में ट्रक के फंस जाने से 30 गाड़ियां फंस गई थीं, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने बीआरओ की मदद से निकाल लिया है।
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बीआरओ कमांडर कर्नल एके अवस्थी ने बताया कि खराब प्वाइंट पर डोजर तैनात कर दिया है। ट्रैफिक को सुचारु रखने के प्रयास जारी हैं।
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