हिमाचल के कुल्लू में बौद्ध धर्म के डरुग्पा करग्यू
वंश के 9वें क्यावजे छोईगुन रिंपोछे थोटूप छोकिये वांगचुक की दीर्घायु के
लिए विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेष प्रार्थना
करते अनुयायी। फोटो: अजय कुमार
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तस्वीरें: दीर्घायु के लिए अनूठा अनुष्ठान
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हिमाचल के कुल्लू में बौद्ध धर्म के डरुग्पा करग्यू वंश के 9वें क्यावजे छोईगुन रिंपोछे थोटूप छोकिये वांगचुक की दीर्घायु के लिए विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेष प्रार्थना करते अनुयायी। फोटो: अजय कुमार
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इसे भोटी भाषा में तेनशुल कहा जाता है। भुंतर के समीप शाढ़ाबाई बौद्ध मठ में इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन डक देचेन छोयकोर महावीरा कमेटी की ओर से किया गया है। फोटो: अजय कुमार
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रिंपोछे अपने 49वें साल में प्रवेश करने जा रहे हैं। बौद्ध धर्म के मुताबिक इस आयु में महादीर्घायुभिषेक का आयोजन किया जाना बेहद जरूरी है। फोटो: अजय कुमार
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बुधवार से इस चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ हो गया है। इस दौरान अनुष्ठान की प्रक्रिया को पूरी करते अनुयायी और बौद्ध गुरू। फोटो: अजय कुमार
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अंतिम दिन महा दीर्घायु के लिए बौद्धभिक्षु एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन करेंगे। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान महामहिम ग्यलवा धोखंपा, नेयडोन शेडूप नियमा रिपोंछे और महामहिम डवांग दोरजोंग रिपोंछे प्रवचन दे रहे हैं। फोटो: अजय कुमार