मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार होने के बावजूद प्रेम कुमार धूमल कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र राणा से हार गए। उनकी हार के पीछे ये आठ बड़े कारण रहे।
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- फोटो : SELF
कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र राणा का सुजानपुर में लंबे समय से जनाधार है। वे वहां अपनी संस्था के माध्यम से कई सामाजिक कार्यों में अपना योगदान दे चुके हैं। जनता के बीच उनकी छवि बहुत अच्छी है।
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इस बार चुनाव प्रचार के लिए भी 25 दिन से भी कम का समय मिला। ऐसे में दूसरे विस क्षेत्र में जाकर प्रचार पूरा करना और वोटरों को लुभाना काफी मुश्किल था।
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यही नहीं प्रेम कुमार धूमल को मतदान से चंद दिन पहले ही अमित शाह ने मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया। चुनाव में तब तक काफी वक्त निकल चुका था। यदि उम्मीदवारों की सूची जारी होते ही उन्हें चेहरा घोषित कर दिया होता तो नतीजा कुछ और हो सकता था।
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प्रेम कुमार धूमल को बाकी प्रत्याशियों के लिए भी प्रदेशभर में प्रचार के लिए जाना पड़ा। ऐसे में खुद के प्रचार के लिए कम समय दे पाए।
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कम समय के कारण प्रेम कुमार धूमल सुजानपुर विस क्षेत्र के हर इलाके का पूरा दौरा भी नहीं कर पाए। कई क्षेत्र प्रचार से छूट गए।
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धूमल के प्रचार के लिए केंद्र से भी कोई बड़ा नेता प्रचार के लिए नहीं पहुंचा।
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इस बार दूसरा विस क्षेत्र होने के चलते उनके कई समर्थक वोट नहीं कर पाए।