देश-दुनिया की भले ही महिलाएं आज कई मामलों में पुरुषों से आगे हों, लेकिन यहां आज भी महिलाओं का पुरुषों के साथ नृत्य करना वर्जित है। रिपोर्ट: रितेश गुलेरिया/पुष्कर राज (जरी, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश)
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पुरुषों के साथ डांस करने पर महिलाओं को लगा 70 हजार जुर्माना
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अगर वे इस कानून का उल्लंघन करती हैं तो ऐसा करने पर उन्हें दंडित किया जाता है।
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पुरुषों के साथ डांस करने पर महिलाओं को लगा 70 हजार जुर्माना
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प्राचीनतम लोकतंत्र माने जाने वाले मलाणा (कुल्लू, हिमाचल प्रदेश) गांव में पुरुषों के साथ नृत्य करने पर 70 महिलाओं पर जुर्माना लगाया गया है। देव संसद ने पुरुषों के साथ नाटी डालने पर हर महिला को एक-एक हजार रुपये देवता के खजाने में जमा करवाने के फरमान जारी किए हैं। 17 अगस्त को शाऊड मेले के दौरान गांवों के लोगों ने नाटी (लोकनृत्य) का आयोजन किया। इसमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी भाग लिया।
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इस पर गांव की देव संसद ने परंपरा को तोड़ने का दोषी मानते हुए इन महिलाओं पर जुर्माना लगा दिया। तर्क दिया है कि परंपरा के अनुसार मलाणा में विवाहित महिलाएं सार्वजनिक आयोजन में पुरुषों के साथ नृत्य नहीं कर सकतीं। कुछ महिलाओं ने जुर्माना भी भर दिया है। मलाणा के जोगिंद्र और जगदीश का कहना है कि शादीशुदा महिलाओं का नाटी में नाचना मना है।
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गांव के बाहर नहीं होती शादी- कुल्लू जिला के दूर-दराज क्षेत्र मलाणा में लड़के-लड़कियों की शादियां भी गांव से बाहर नहीं होती हैं। यहां के लोग एक गांव में ही सिमटे हैं। परंपरा है कि न बेटी दूसरे गांव को देंगे और न दूसरे गांव से बहू लाई जाएगी।
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सिकंदर के वंशजों का गांव- मलाणा के प्राचीनतम लोकतंत्र पर देश विदेश के शोधकर्ता वर्षों से अध्ययन करते रहे हैं। इन्हें सिकंदर के वंशज माना जाता है। यहां आज भी देव जम्दग्नि ऋषि (जमलू देवता) के फरमान चलते हैं। यहां की परंपराएं अलग हैं। यहां की बोली कणाशी है जो और कहीं नहीं बोली जाती।
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राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष अंबिका सूद का कहना है कि अगर मलाणा की महिलाएं परंपराओं की बेडि़यों को तोड़कर आगे आ रही हैं तो उनके उत्थान के लिए जिला प्रशासन को भी आगे आना चाहिए। उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने कहा कि यह मामला मेरे ध्यान में नहीं है। न ही अभी तक किसी की ओर से कोई शिकायत आई है। लोक नृत्य करने पर जुर्माना लगाना गलत है।