हिमाचल में मंत्रिमंडल गठन के दो दिन बाद मंत्रियों के विभागों के बंटवारे में फंसा पेच सुलझा लिया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पहले मंत्री रह चुके धुरंधरों के बजाय नए चेहरों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। शुक्रवार को दिल्ली में भाजपा केंद्रीय नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद विभागों का आवंटन कर दिया गया।
मुख्यमंत्री
जयराम ठाकुर - पांचवीं बार बने विधायक
विभाग : वित्त, गृह, पीडब्ल्यूडी, योजना, कार्मिक, आबकारी
विधानसभा - जिला मंडी की सिराज सीट
अनुभव - एक बार मंत्री, पहली बार मुख्यमंत्री बने
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पहली बार कैबिनेट मंत्री बने विपिन परमार को स्वास्थ्य, सुरेश भारद्वाज को शिक्षा, गोविंद ठाकुर को वन एवं परिवहन, बिक्रम ठाकुर को उद्योग, वीरेंद्र कंवर को पंचायती राज और राजीव सहजल को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। मुख्यमंत्री ने वित्त, गृह, पीडब्ल्यूडी, योजना, कार्मिक, आबकारी जैसे कई अहम विभाग अपने पास रखे हैं।
महेंद्र सिंह - सातवीं बार बने विधायक
विभाग - सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य, बागवानी और सैनिक कल्याण।
विधानसभा - जिला मंडी की धर्मपुर सीट
अनुभव - दो बार मंत्री रहे
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वरिष्ठ मंत्रियों में महेंद्र ठाकुर को आईपीएच-बागवानी, किशन कपूर को खाद्य आपू्र्ति एवं उपभोक्ता मामले, अनिल शर्मा को ऊर्जा, सरवीण चौधरी को शहरी विकास विभाग और रामलाल मारकंडा को कृषि विभाग सौंपा है। राजभवन से अनुमोदन के बाद शासन की ओर से मंत्रियों को आवंटित विभागों की अधिसूचना जारी कर दी गई।
किशन कपूर - पांचवीं बार बने विधायक
विभाग - खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले
विधानसभा - जिला कांगड़ा की धर्मशाला सीट
अनुभव - दो बार मंत्री रहे हैं
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भाजपा सरकार में मंत्रियों के विभागों से कुहासा छंट गया है। सूत्रों के अनुसार मंत्रियों के लिए तय किए विभागों पर कई मंत्रियों ने आपत्ति जताई थी। इसके चलते मामला केंद्रीय नेतृत्व के पास जा पहुंचा। मामूली फेरबदल के बाद मंत्रियों को वही विभाग दिए गए जो पहले से ही तय हुए थे। इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सुबह दिल्ली रवाना हो गए।
सुरेश भारद्वाज - चौथी बार बने विधायक
विभाग - शिक्षा, कानून व संसदीय मामले
विधानसभा - जिला शिमला की शिमला शहर सीट
अनुभव - पहली बार मंत्री बने
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वहां केंद्रीय नेतृत्व से उनकी चर्चा के बाद ज्यादा फेरबदल किए बिना सूची जारी कर दी गई। लोक निर्माण और आबकारी जैसे बड़े विभागों के लिए लॉबिंग काम नहीं आई। पहली बार बने मंत्रियों को अहम विभागों का जिम्मा सौंप कर जयराम सरकार ने भविष्य के लिए भी एक संदेश दे दिया है।
अनिल शर्मा
विभाग - बहुउद्देशीय योजनाएं एवं ऊर्जा और गैर पारंपरिक ऊर्जा
विधानसभा - जिला मंडी की मंडी सदर सीट
अनुभव - तीसरी बार मंत्री बने
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सरवीण चौधरी: चौथी बार बनीं विधायक
विभाग - शहरी विकास, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के साथ हाउसिंग
विधानसभा - जिला कांगड़ा की शाहपुर सीट
अनुभव - दूसरी बार मंत्री बनीं
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रामलाल मारकंडा
विभाग - कृषि, जनजातीय विकास, सूचना एवं प्रौद्योगिकी
विधानसभा - लाहौल स्पीति सीट से
अनुभव - धूमल सरकार में मंत्री रह चुके हैं
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विपिन परमार
विभाग - स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आयुर्वेद और विज्ञान एवं तकनीक
विधानसभा - जिला कांगड़ा की सुलह सीट
अनुभव - पहली बार मंत्री बने
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वीरेंद्र कंवर- चौथी बार बने विधायक
विभाग - ग्रामीण विकास व पंचायती राज, पशुपालन और मछली पालन विभाग
विधानसभा - जिला ऊना की कुटलैहड़ सीट
अनुभव - पहली बार मंत्री बने
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विक्रम सिंह
विभाग - उद्योग, श्रम एवं रोजगार, तकनीकि शिक्षा और व्यवसायिक प्रशिक्षण विभाग
विधानसभा - जिला कांगड़ा की जसवां-परागपुर सीट
अनुभव - पहली बार के मंत्री बने
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गोविंद सिंह ठाकुर - तीसरी बार के विधायक
विभाग - वन, परिवहन और युवा सेवा खेल
विधानसभा - जिला कुल्लू के मनाली सीट
अनुभव - पहली बार के मंत्री