राज्य में औद्योगिकरण को बढ़ावा देने और उद्यमियों की सुविधा के लिए मंत्रिमंडल ने प्रोत्साहन प्रदान करने और स्टैम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क पर छूट घटाने का निर्णय लिया। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विनिर्माण उद्यमों में संयत्र और मशीनरी में 10 करोड़ रुपये तक का निवेश और सेवा उद्यमों की निर्दिष्ट श्रेणी के मामले में उपकरणों में पांच करोड़ स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क की रियायती दर 50 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और लागू दरों का 10 प्रतिशत क्रमश: श्रेणी ए, बी और सी श्रेणी से औद्योगिक क्षेत्र में कन्वेयन्स डीड अथवा लीज डीड पर लिया जाएगा।