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हिमाचल में कोरोना से निपटने को आउटसोर्स पर रखा जाएगा स्टाफ, पढ़ें कैबिनेट के बड़े फैसले

Fri, 03 Apr 2020 07:41 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। बैठक के दौरान राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति की समीक्षा की गई। मंत्रिमंडल ने कोरोना के सक्रिय मामले खोजने का अभियान चलाने का निर्णय लिया और इस अभियान को शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके तहत प्रदेश में आठ हजार टीमें बनाकर घर-घर भेजी जा रही है। साथ ही बताया गया कि अब तक कुल 4038 लोगों को निगरानी में रखा गया है और 1655 लोग 28 दिन की निगरानी अवधि पूरी कर चुके हैं। वर्तमान में अब 1383 लोग क्वारंटीन चल रहे हैं। वहीं, कुल 296 लोगों की जांच की जा चुकी है और छह लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
कोरोना से निपटने के लिए स्टाफ की कमी से जूझ रहा स्वास्थ्य विभाग अब अगले तीन महीने के लिए आउटसोर्स पर स्टाफ रख सकेगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस फैसले पर मुहर लग गई। निर्णय के बाद अब आउटसोर्स आधार पर डाक्टरों के अलावा नर्स, रेडियोग्राफर, फार्मासिस्ट आदि अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जा सकेगी।
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- फोटो : अमर उजाला
आवेदकों का प्रशिक्षित होना जरूरी होगा और इनकी सेवाएं अस्पतालों और फील्ड में ली जाएंगी। दसके बाद सरकार ने वर्ष 2018 और इससे पहले रिटायर हुए डॉक्टरों की सेवाएं फिर से लेने का फैसला लिया है। जो कर्मचारी व अधिकारी मार्च व अप्रैल में सेवानिवृत्त होंगे, उन्हें जून से पहले सेवानिवृत्त नहीं किया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने बताया कि सरकार ने फैसला लिया है कि जितने भी डिप्लोमा धारक आवेदन करेंगे, उन सबकी सेवाएं ली जाएंगी। मासिक वेतन सरकार ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद बताया जाएगा। मंत्रिमंडल ने इसके साथ ही नेरचौक मेडिकल कालेज को कोरोना अस्पताल बनाने को मंजूरी दी है। यहां पर कोरोना संदिग्ध और पॉजिटिव मरीजों का उपचार होगा।

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राज्य में औद्योगिकरण को बढ़ावा देने और उद्यमियों की सुविधा के लिए मंत्रिमंडल ने प्रोत्साहन प्रदान करने और स्टैम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क पर छूट घटाने का निर्णय लिया। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विनिर्माण उद्यमों में संयत्र और मशीनरी में 10 करोड़ रुपये तक का निवेश और सेवा उद्यमों की निर्दिष्ट श्रेणी के मामले में उपकरणों में पांच करोड़ स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क की रियायती दर 50 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और लागू दरों का 10 प्रतिशत क्रमश: श्रेणी ए, बी और सी श्रेणी से औद्योगिक क्षेत्र में कन्वेयन्स डीड अथवा लीज डीड पर लिया जाएगा।
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इसी तरह जिन उद्यम विनिर्माण उद्यमों में संयत्र और मशीनरी में 10 करोड़ रुपए तक का निवेश और सेवा उद्यमों की निर्दिष्ट श्रेणी के मामले में उपकरणों में पांच करोड़ स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क की रियायती दर 50 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और लागू दरों का 20 प्रतिशत क्रमश: श्रेणी ए, बी और सी श्रेणी से औद्योगिक क्षेत्र में कन्वेयन्स डीड अथवा लीज डीड पर लिया जाएगा।
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- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश मंत्रिमंडल नेजिला सोलन के बद्दी के केंडुवाल गांव में एकीकृत ठोस कचरा प्रबंधन प्रोजक्ट के लिए पट्टे पर जमीन देने को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के लिए उद्योग विभाग की जमीन 25 साल की अवधि के लिए पट्टे पर देने के मंजूरी दी है। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में लंबे समय से प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कचरा प्रबंधन प्रोजेक्ट की मांग प्रमुखता से की जा रही थी। इस प्रोजेक्ट को सिरे लगाने के लिए सरकार लंबे समय से कसरत कर रही थी ताकि औद्योगिक क्षेत्र में फैल रहे प्रदूषण को कम किया जा सके। 
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- फोटो : अमर उजाला
दो आईटी कंसल्टेंट रखने को भी मंजूरी 
साइबर अपराध से निपटने और सरकारी क्षेत्र में हैकिंग से बचाव के लिए दो आईटी विशेषज्ञ को रखने के लिए मंत्रिमंडल ने शुक्रवार की बैठक में मंजूरी दे दी। सरकार लगातार आईटी क्षेत्र की मदद से जनता तक पहुंच बनाने में जुटी है। ऐसे में आईटी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए यह तय हुआ कि आईटी विशेषज्ञ अमित दुबे और प्रमोद कुमार मिश्र की आईटी कंसल्टेंट के तौर पर सरकार सेवाएं लेगी। दोनों ही विशेषज्ञ केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ भी काम कर चुके हैं। 
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