फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीजे सुनने से हो सकती हैं ये 10 बीमारियां, जानेंगे तो चौंक जाएंगे

Tue, 13 Dec 2016 09:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
1 of 11
यदि आप भी तेज साउंड में डीजे सुनने के शौकीन हैं तो जरा सावधान हो जाएं। लगातार बजने वाला डीजे आपको और आपके लाडले को 10 गंभीर बीमारियां दे सकता है। डीजे की तीव्र ध्वनि कई खतरनाक बीमारियां दे सकती है। आइए जानते हैं-
विज्ञापन

2 of 11
एक स्वस्थ्य व्यक्ति के लिए 50 डेसीबल तक की ध्वनि सहन करने लायक होती है, लेकिन डीजे की ध्वनि की तीव्रता करीब 500 डेसीबल तक पहुंच जाती है। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. केआर आर्य की मानें तो तीव्र ध्वनि की वजह से प्रजनन क्षमता घट जाती है।
विज्ञापन

3 of 11
डीजे की ज्यादा साउंड मस्तिष्क में तनाव पैदा करती है। इससे चिड़चिड़ापन बढ़ता है।

4 of 11
रक्तचाप बढ़ जाता है। खून में शर्करा बढ़ने लगती है।
विज्ञापन

5 of 11
हृदय की धड़कन तेज हो जाती है।
विज्ञापन

6 of 11
तेज साउंड के कारण कार्यक्षमता घटती है और एकाग्रता नष्ट हो जाती है।
विज्ञापन

7 of 11
गर्भपात की शिकायत बढ़ती है तथा मानसिक रूप से विकलांग बच्चे पैदा हो सकते हैं।

8 of 11
आज की युवा पीढ़ी में बौनापन का एक कारण डीजे भी हो सकता है।

9 of 11
आंखों में जल्द चश्मा तथा एकाग्रता की कमी इसकी प्रमुख वजह है।

10 of 11
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. केआर आर्य की मानें तो ऊंची ध्वनि मस्तिष्क में तनाव पैदा करती है, चिड़चिड़ापन बढ़ता है, रक्तचाप बढ़ जाता है। खून में शर्करा बढ़ने लगती है, हृदय की धड़कन तेज हो जाती है, कार्यक्षमता घटती है और एकाग्रता नष्ट हो जाती है। तीव्र ध्वनि की वजह से प्रजनन क्षमता घट जाती है, गर्भपात की शिकायत बढ़ती है तथा मानसिक रूप से विकलांग बच्चे पैदा हो सकते हैं। आज की युवा पीढ़ी में बौनापन, आंखों में जल्द चश्मा तथा एकाग्रता की कमी इसकी प्रमुख वजह है।
विज्ञापन

11 of 11
पर्यावरण प्रदूषण के चिंतक प्रो. एचएस चट्ठा की मानें तो हमारे घर में दिन के समय अधिकतम 25 से 30 तथा रात्रि में 20 से 25 डेसीबल तक ध्वनि होनी चाहिए। लेकिन, वाहनों के प्रेशर हॉर्न तथा मशीनों की आवाज से भी ध्वनि प्रदूषण की तीव्रता बढ़ जाती है। ऐसे में डीजे की तीव्र ध्वनि के पास खड़े रहना सेहत के लिए भयानक खतरा पैदा करता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें