हिमाचल में भारी बारिश की चेतावनी के बीच तीसरे दिन सोमवार को भी मौसम ने खूब कहर बरपाया। कुल्लू और कांगड़ा के जवाली में नदी-नालों में आई बाढ़ में चार लोग बह गए जबकि चंबा, धर्मशाला और ऊना में सात महीने की बच्ची समेत तीन लोगों की मौत हो गई।
विज्ञापन
2 of 15
उधर, बर्फबारी की वजह से केलांग से सरचू तक 70 बौद्ध भिक्षुओं समेत करीब 300 पर्यटक और मजदूर फंसे हुए हैं। चंद्रताल झील देखने गए आईआईटी मंडी के पांच छात्र फंसे हुए हैं। चंबा के होली में जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेने गए 816 छात्र-छात्राओं समेत 1200 लोग फंसे हुए हैं।
विज्ञापन
3 of 15
कुल्लू जिला में रविवार रात को अलग-अलग जगहों से 1000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। इनके अलावा रोहतांग और अन्य इलाकों में फंसे 200 ट्रैकरों, ऊझी घाटी के शनाग में केरल, पंजाब और चेन्नई के पर्यटकों को मनाली पहुंचाया गया है। जिले के वामतट का 200 मीटर हिस्सा भी बह गया है। दूसरी ओर, एनएच समेत 150 मार्ग बाधित होने से पूरा चंबा जिला शेष विश्व से कट गया है।
4 of 15
सोमवार को चंबा में दूध, अंडा, ब्रेड और अखबार जैसी रोजमर्रा की वस्तुएं नहीं पहुंच पाईं। कुल्लू, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, ऊना, हमीरपुर, सिरमौर जिले के स्कूलों में दूसरे दिन मंगलवार की भी छुट्टी घोषित कर दी है। जानकारी के अनुसार कुल्लू के बजौरा में चाचा के साथ उफनती ब्यास को देखने आई 15 साल की सुल्ताना नदी के तेज बहाव में बह गई।
विज्ञापन
5 of 15
मणिकर्ण के गोलू पुल के पास एक स्कूटी रेलिंग से जा टकराई, जिस पर सवार दो युवक पार्वती नदी में गिरकर बह गए। जवाली में नाहड़ खड्ड (बुहल) को पार करते बुसकबाडा के तिलक राज (31) भी बह गए। चंबा के सलूणी की पिछला डियूर पंचायत के गुलेल गांव में सात माह की बच्ची की कूहल में बहने से मौत हो गई। भांतो देवी पत्नी बुधिया राम सात माह की बच्ची को गोद में उठाकर पड़ोसी के घर जा रही थी।
विज्ञापन
6 of 15
इसी दौरान उसका पांव फिसला और गिर पड़ी। उसकी गोद से सात माह की बच्ची गिरकर कूहल में बह गई। करीब आधा किमी दूर जाकर बच्ची का शव मिला। धर्मशाला में कल्याड़ा पंचायत में कुलदीप चंद शर्मा उर्फ दीपू (50) की कूहल में गिरकर मौत हो गई। उधर, ऊना के गगरेट में भूस्खलन से जूस फैक्ट्री जमींदोज हो गई, जिसमें मौजूद मैनेजर की मौत हो गई जबकि तीन घायल हो गए हैं।
विज्ञापन
7 of 15
बारिश से प्रदेश भर में 9 नेशनल हाईवे ठप हैं। इनमें कुल्लू-मनाली, मंडी-कुल्लू, चंबा-पठानकोट, कालका-शिमला, शिमला रोहडू़, धर्मशाला-कांगड़ा और हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग, रानीताल-शिमला और कुल्लू-आनी एनएच शामिल हैं। प्रदेश की 378 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप है।
8 of 15
इन सड़कों के बंद होने से परिवहन निगम के करीब 450 रूट प्रभावित हुए हैं। शिमला जोन को अब तक सर्वाधिक 23324.13 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। चारों जोन शिमला, मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा में अब तक 7894.29 लाख का नुकसान हुआ है। सरकार ने 427 मशीनरियाें को सड़कों की बहली में लगाया है। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों की 29 सितंबर तक छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
9 of 15
प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मंगलवार को भी बारिश होने के आसार हैं। प्रदेश में 26 सितंबर से मौसम साफ होगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने इस माह के अंत तक प्रदेश से मानसून विदा होने का पूर्वानुमान जताया है।
10 of 15
कालका-शिमला रेलवे लाइन पर रबौण में पत्थर गिरने से दोपहर करीब ढाई बजे रेलवे लाइन बाधित हो गई। जब पत्थर गिरा, तब 52455 शिमलाअप ट्रेन कालका से शिमला जा रही थी। रबौण के पास ट्रेन को रोकना पड़ा। इसके बाद दोनों तरफ की ट्रेनें रास्ते में रुकवा दी गईं। सभी यात्रियों को बस व अन्य साधनों से शिमला व कालका भेजा गया है।
11 of 15
रविवार रात से सोमवार शाम तक जिला चंबा के कालाटॉप में सर्वाधिक 225 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा डलहौजी में 170, खैरी में 157, देहरागोपीपुर-मनाली-गगल में 121, नयनादेवी में 120, चंबा में 117, गुलेर में 112, पालमपुर में 108, नगरोटा सूरियां में 86, अंब-बंगाणा में 85, तीसा में 82, नादौन में 78, सुजानपुर टीहरा में 66, धर्मशाला में 69, ऊना में 113, जोगिंद्रनगर में 60, नाहन में 52, पच्छाद में 46, पांवटा साहिब में 38, कल्पा में 37 और शिमला में 70, सोलन 61 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
12 of 15
बिलासपुर जिला में 11 मकान और गौशालाएं गिर गई हैं। कांगड़ा जिला में एक दर्जन घर, दुकानें और पशु शालाएं ढह गईं। ऊना की ग्राम पंचायत टकोली के गांव बेहलां में स्लेटपोश एवं डूहल भटवाला में रिहायशी घर गिर गए हैं। हमीरपुर के समूह गांव में रिहायशी, स्लेटपोश मकान, चमियाणा में दो मकान और बगेहड़ा में एक गौशाला गिर गई।
13 of 15
कुल्लू में बाशिंग ट्रक यूनियन कार्यालय के परिसर में खड़े छह ट्रक बह गए हैं। इसके अलावा दो कारें और एक बाइक भी बाढ़ की भेंट चढ़ गई है। एचआरटीसी वर्कशॉप बाशिंग में दो वैन और एक कार बह गई है।
14 of 15
कुल्लू जिला में अलर्ट के बावजूद लोग नदी-नालों के करीब जा रहे हैं। दो लोग लकड़ी इकट्ठा करने के लिए मशां से नदी में गए और ब्यास नदी का बहाव अधिक होने से दोनों बीच में फंस गए। बाद में इन्हें वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से निकाला गया। मंडी में नगवाईं के पास नदी में फंसे दो लोगों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया है।