प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। अच्छी फसल की उम्मीद लगाए बैठे बागवानों के चेहरों पर चिंता की लकीर खींच गई हैं।
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आनी और निरमंड में सेब के फूल झड़ गए। एकाएक ओलावृष्टि से किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ गई है। कुल्लू घाटी के कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ आंधी तूफान ने किसानों बागवानों केे परेशान किया।
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उधर, मंडी जिला में आए तूफान ने आम, लीची और सेब की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। हल्की बारिश से किसानों और आम लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है लेकिन, तूफान के चलते दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा है।
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रोहतांग में भी मंगलवार को 5 सेंटीमीटर ताजा हिमपात हुआ जबकि कुल्लू में शीतलहर के साथ-साथ बर्फ के फाहे भी गिरे। प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खराब होने से मनाली, केलांग और कल्पा के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इन क्षेत्रों का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है।
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उधर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थिति इसके विपरित रही। कुल्लू, मनाली, निरमंड, आनी में बर्फबारी और आलोवृष्टि के साथ आंधी चलती रही। इससे क्षेत्र ठंड की चपेट में आ गए है।
रोहतांग दर्रा होकर पैदल आवाजाही लगातार जारी है। मंगलवार को मौसम खराब होने से पहले ढाई सौ से अधिक लोगों ने रोहतांग दर्रा पार किया और सुरक्षित घाटी पहुंचे। मौसम खराब होने से उड़ान भी नहीं हो पाईं। जिसके कारण अब घाटी के लोग पैदल ही रोहतांग लांघ रहे हैं।