एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में भारत बंद का हिमाचल में मिला-जुला असर रहा। प्रदेश में तो बस सेवा नियमित रही, लेकिन बाहरी राज्यों में हिमाचल पथ परिवहन निगम की 340 बसें नहीं भेजी गईं।
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ये बसें सीमांत क्षेत्रों में दिनभर खड़ी रहीं। चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड जाने वाले लोगों को परेशान होना पड़ा। बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु भी सरकारी बस सेवा का लाभ नहीं उठा सके।
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कई लोगों को पैदल सफर करना पड़ा। सोलन और ऊना से रोजाना चंडीगढ़ जाने वाले यात्री भटकते रहे। राजधानी शिमला और ऊना के अंब में समुदाय से जुड़े लोगों ने चक्का जाम किया।
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जिला मुख्यालयों और प्रमुख कस्बों में विरोध प्रदर्शन किए गए और प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजे गए। बंद का कई जगह कांग्रेस ने भी समर्थन किया। दलित वर्ग से जुड़े लोगों ने अपनी दुकानें भी बंद रखीं।
हालांकि, पूरे प्रदेश में आगजनी या हिंसा की कोई सूचना नहीं है। एचआरटीसी को एक दिन में ही लाखों रुपये की चपत लगी। परिवहन मंत्री गोबिंद ठाकुर ने कहा कि भारत बंद के चलते बाहरी राज्यों के लिए बसें नहीं भेजीं। मंगलवार से बस सेवा नियमित रहेगी।