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शहीद कमल देव वैद्य: जिसके सिर पर बंधना था सेहरा, आज उठेगी उसकी अर्थी

Sun, 25 Jul 2021 12:23 AM IST
अरविन्द ठाकुर विजय ठाकुर, अमर उजाला नेटवर्क, भोरंज (हमीरपुर)
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घर पर शहीद की मां बेसुध। - फोटो : अमर उजाला
जिसके सिर पर शादी का सेहरा बांधने की तैयारियां हो रही थीं, अब उसकी पार्थिव देह कफन में लिपटी आएगी। रविवार को शहीद कमल देव वैद्य की घर से अर्थी उठेगी। 22 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व है। रक्षाबंधन से 28 दिन पूर्व भाई की मौत की खबर से बहनें गहरे सदमे में हैं। 27 वर्षीय कमल देव वर्ष 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और इसी साल अक्तूबर में उनकी शादी तय थी। शुक्रवार को कमल की दोनों बहनें अपने मायके आई थीं। रात को दोनों बहनों इंदु और शशि ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल के जरिये कमल के साथी लंबी बात की थी। लेकिन शनिवार सुबह सात बजे भाई की मौत की खबर पहुंच गई। शहीद कमल देव अपने पीछे माता-पिता, बड़ा भाई और दो बहनें छोड़ गए हैं। शहीद के पिता मदन लाल कारपेंटर (मिस्त्री) का काम करते हैं। माता बनीता कुमारी गृहणी हैं जबकि बड़ा भाई देवेंद्र वैद्य गांव में ही सामान की डिलीवरी का निजी काम करता है।
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- फोटो : अमर उजाला
कमल देव ने लुद्दर महादेव स्थित राजकीय उच्च पाठशाला से दसवीं और भोरंज स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला से बारहवीं कक्षा की पढ़ाई की थी। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय कंज्याण भोरंज में बीएससी प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था, लेकिन इसी बीच वह सेना में भर्ती हो गए।
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- फोटो : अमर उजाला
अक्तूबर माह में शादी की तैयारियों के चलते कमल ने करीब चार कमरों के पक्के मकान का निर्माण कार्य भी शुरू करवा रखा था। इस मकान का निर्माण अंतिम चरण में है।

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- फोटो : अमर उजाला
शादी से पहले गृह प्रवेश की योजना थी। माता-पिता, भाई, दोनों बहनों ने शनिवार सुबह से जब सैनिक के शहीद होने की खबर पाई है तब से अन्न का एक दाना ग्रहण नहीं किया। बहनें पूछ रही हैं कि अब वह रक्षाबंधन पर किसकी कलाई पर राखी बांधेंगी।
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- फोटो : अमर उजाला
पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। उल्लेखनीय है कि एक साल के भीतर उपमंडल भोरंज में सैनिक के शहीद होने का यह दूसरा मामला है। पिछले साल सियाचिन के गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में भोरंज उपमंडल के गांव कड़ोहता के सैनिक अंकुश ठाकुर शहीद हो गए थे।
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