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तस्वीरें: सूरजकुंड मेले में दिखेगी हिमाचली देव संस्कृति की झलक, हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम

Thu, 30 Jan 2020 09:10 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
सूरजकुंड मेले में प्रदेश की देव संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन आरडी धीमान ने गुरुवार को 34वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले की तैयारियों की समीक्षा की। मेला स्थल का दौरा करने के बाद आरडी धीमान ने थीम स्टेट के प्रबंधों के संबंध में सूरजकुंड में विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से पारंपरिक शैली में बनवाए गए अपना घर, भीमाकाली मंदिर, हिमाचली शैली के मुख्य द्वार, हथकरघा और हस्तशिल्प कारीगरों की ओर से तैयार किए स्टॉलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर पर्यटन निदेशक यूनुस भी मौजूद रहे।
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- फोटो : अमर उजाला
मेले के लिए पर्यटन विभाग ने चार बजंतरी दलों का चयन किया है। बजंतरी रोजाना ढोल, नगाड़ों से हिमाचल की देव संस्कृति से लोगों को अवगत करवाएंगे। इसके अलावा प्रदेश से 13 सांस्कृतिक दलों का चयन भी किया गया है।

 
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- फोटो : अमर उजाला
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला 1 फरवरी से शुरू होकर 16 फरवरी तक चलेगा। इस बार मेले में हिमाचल प्रदेश बतौर थीम स्टेट और उज्बेकिस्तान पार्टनर कंट्री के रूप में शिरकत कर रहा है। मेला परिसर को सजाने और संवारने में हरियाणा पर्यटन विभाग के अलावा हिमाचल के कारीगर भी जुटे हुए हैं।

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- फोटो : अमर उजाला
मेले के दौरान डिजाइनर रितु बेरी के बनाए हिमाचली परिधानों में कैटवॉक होगा। नौ फरवरी को होने वाले फैशन शो में हिमाचली युवा मॉडलिंग करेंगे। प्रदेश के सभी जिलों के परिधानों को फैशन शो में शामिल किया जाएगा। डिजाइनर रितु बेरी हिमाचल के साथ-साथ हरियाणा और उज्जबेकिस्तान के परिधानों को भी फैशन शो के माध्यम से प्रदर्शित करेगी। हिमाचली परिधान अनफॉरगेटेबल हिमाचल विषय पर आधारित होंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
हर शाम चौपाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम : यूनुस
पर्यटन विभाग के निदेशक यूनुस ने बताया कि मेले के दौरान दर्शकों को प्रदेश की उत्कृष्ट कारीगरी का नमूना देखने को मिलेगा। मेले में हर शाम चौपाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मचेगी। दिनभर देश विदेश के कलाकार जहां चौपाल पर प्रस्तुति देंगे, वहीं शाम को हिमाचल प्रदेश की ओर से लाइट एंड साउंड शो होगा। 
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- फोटो : अमर उजाला
34वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय कला मेले में देवभूमि के तीन शक्तिपीठों, एक मॉनेस्ट्री और चंबा सहस्त्राब्दी को दर्शाते पांच प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। रामबाग मनाली गेट को मेले का स्थायी प्रतिरूप और भीमाकाली मंदिर सराहन को धरोहर स्मारक के तौर पर दिखाया जाएगा। पूरे मेला मैदान में पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश की झलक देखने को मिलेगी। 
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- फोटो : अमर उजाला
एक फरवरी को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मेले का शुभारंभ करेंगे जबकि 16 को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। विभाग ने हिमाचली परंपरा को दर्शाते पांच अस्थायी गेट क्राफ्ट मेला के प्रत्येक प्रवेश द्वार पर बनाए हैं। निर्मित गेट छिन्नमस्तिका चिंतपूर्णी, माता ज्वाला जी, चिंदी देवी करसोग (मंडी), साक्या तंग्यूड मॉनेस्ट्री शैली और चंबा सहस्त्राब्दी गेट पर आधारित होंगे। हिमाचली पारंपरिक शैली का एक अपना घर और अन्य पारंपरिक रूप भी प्रदर्शित किए जाएंगे। 
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