99 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी ने कभी अंग्रेजों के जुल्मों के आगे घुटने नहीं टेके। मगर आज अपने ही देश की व्यवस्था से लाचार हैं। अपने हक के लिए वह विधानसभा में जदोजहद करते दिखे।
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ये अंग्रेजों से नहीं हारे, हमारी व्यवस्था के आगे लाचार हैं
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स्वतंत्रता सेनानी 99 वर्षीय टीटा राम पेंशन हासिल करने के लिए विधानसभा शिमला के गेट पर ठंड से ठिठुरते रहे। वह सुरक्षा कर्मियों को विधानसभा में एंट्री के लिए मेडल दिखाते रहे। बावजूद इसके उन्हें सीएम से मिलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
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ये अंग्रेजों से नहीं हारे, हमारी व्यवस्था के आगे लाचार हैं
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वह मुख्यमंत्री से मिलने के लिए गेट पर मेडल दिखाते रहे। 99 वर्ष की उम्र में झुकी कमर के साथ जब वह यहां जदोजहद कर रहे थे तो उनके चेहरे पर हताश साफ दिखाई दे रही थी। शायद वह यही सोच रहे थे कि इस देश की कामना तो किसी भी स्वतंत्रता सेनानी तो नहीं की थी।
ये अंग्रेजों से नहीं हारे, हमारी व्यवस्था के आगे लाचार हैं
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कड़ी मशक्कत के बाद ही वह पेंशन के लिए सीएम से मिल सके। मगर कब उनकी समस्या का निदान होगा। यह सरकारी विभागों की दया पर निर्भर करेगा।
ये अंग्रेजों से नहीं हारे, हमारी व्यवस्था के आगे लाचार हैं
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बताते चलें कि प्रदेश में अब गिनती के लिए स्वतंत्रता सेनानी जीवित हैं और अगर ऐसे में भी उन्हें पेंशन का हक हासिल करने के लिए सीएम के दरबार में हाजिरी लगानी पड़ रही हैं तो यह हमारी व्यवस्था के लिए काफी शर्मनाक है।