ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़ के मामले में पूर्व चुनाव आयुक्त ने बड़ा खुलासा किया है। इस पूर्व अधिकारी ने बताया कि कुछ दलों को ईवीएम पर क्यों मिर्ची लग जाती है। हिमाचल के सोलन पहुंचे पूर्व आयुक्त नवीन चावला ने इस पूरे मुद्दे पर बेबाक जवाब दिए।
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पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला ने कहा कि ईवीएम मशीनों से छेड़छाड़ संभव नहीं है। मशीनों के एसओएस नंबर किसी को पता नहीं होते हैं। सीलबंद इन मशीनों को हैक करना आसान नहीं होता। ऐसे में इसमें कोई छेड़खानी करने का सवाल ही नहीं उठता।
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उन्होंने कहा कि जब वह भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त थे, उस समय भी वर्ष 2009 में ईवीएम पर सवाल उठे थे। उस दौरान वह फ्रांस के दौरे पर थे। उन्होंने अपना फ्रांस का दौरा बीच में रद्द किया और वापिस इंडिया आए। उन्होंने खुद इसकी जांच का जिम्मा लिया।
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पूर्व आयुक्त ने खुलासा किया कि विशेषज्ञों, कैमरों की निगरानी में अलग-अलग राज्यों से 100 ईवीएम मशीनें मंगवाई गईं लेकिन कोई भी इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की मशीनों को हैक नहीं कर सकता। जांच में भी छेड़खानी का कोई मामला सामने नहीं आया। ऐसे में अब भी छेड़खानी की बातें करना गलत है।
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उन्होंने कहा कि जब कोई चुनाव जीत जाता है तो वह ईवीएम से खुश हो जाता है। लेकिन जब दूसरा चुनाव हारता है तो वह इसका गुस्सा ईवीएम पर ही निकालता है और ईवीएम पर सवाल उठाने लगता है। पूर्व चुनाव आयुक्त शुक्रवार को शूलिनी विवि में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
कहा कि उत्तर प्रदेश चुनाव में पहले इन्हीं ईवीएम से बसपा और उसके बाद समाजवादी पार्टी ने चुनाव जीते थे। लेकिन अब जब भाजपा चुनाव जीती है तो अन्य राजनीतिक पार्टियां सवाल उठाने लगी हैं। हार का गुस्सा ईवीएम पर निकाला जा रहा है। इस पूर्व अफसर की ये बातें उन दलों के लिए एक जवाब हैं जो बार बार ईवीएम छेड़छाड़ का मुद्दा उठाती है और इसे अपनी हार का कारण बताती है।