नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हमीरपुर में चल रहे युवा समारोह समूह-3 प्रतियोगिता के तीसरे दिन शुक्रवार को कलाकारों ने मंच पर प्रदेश के पारंपरिक नृत्यों के जलवे बिखेरे। राजकीय महाविद्यालय पालमपुर ने चंबा के प्रसिद्ध लोकनृत्य शिव महिमा और राम के वनवास से संबंधित लोकगीतों पर प्रस्तुति दी।
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राजकीय महाविद्यालय जुखाला ने मार्कंडेय ऋषि की तपोभूमि दावी घाटी की पारंपरिक वेशभूषा में अपना लोकनृत्य पेश किया। नाहन महाविद्यालय के छात्रों ने प्रसिद्ध सिरमौरी लोक संगीत के विविध लोकनृत्य मुजरा, युगल, रास तथा लोटा नृत्य की विहंगम प्रस्तुति दी।
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ठियोग कॉलेज के छात्रों ने शिमला के महासवी संस्कृति से संबंधित लोकनृत्य नाटी का नजारा पेश किया। इंदौरा कॉलेज ने पंजाबी लोकनृत्य भांगड़ा की प्रस्तुति दी। जोगिंद्रनगर महाविद्यालय ने लुड्डी लोबासडी लोकनृत्य के माध्यम से गुम्मा नमक से जुड़ी प्राचीन लोकगाथा का मंचन किया।
संगड़ाह महाविद्यालय ने शिरगुल देवता संबंधित लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। निहारी कॉलेज ने मंडयाली, कुल्लवी, कांगड़ी और रोहडू के लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी।
ढलियारा कॉलेज ने छिंज तथा गिद्दा से जुड़े लोकनृत्यों का प्रदर्शन किया। चौड़ा मैदान महाविद्यालय के छात्रों ने प्रसिद्ध महासवी नाटी का जलवा बिखेरा। स्थानीय कॉलेज प्राचार्य डॉ. हरदेव सिंह जंवाल ने कहा कि राजकीय महाविद्यालय रामपुर, सिंहुता, हरिपुर, करसोग, बासा, कुल्लू, नादौन, लंबाथाच, नालागढ़ और भरमौर के छात्रों ने लोकनृत्यों पर प्रस्तुति देकर विभिन्न परंपराओं से दर्शकों को रूबरू करवाया।