इसमें सबसे पहले औषधी इलाज के तहत ब्राह्मी, जटामानसी, सारस्वतारिष्ट आदि, पंचकर्म इलाज में मेद्य रसायन औषधि से सिरोधारा, सिरोबस्ती, सिरोपिच्चू, तृतीय इलाज योग में शीतली प्राणायाम, अनुलोम विलोम, कपालभाती, सूर्य नमस्कार आदि शामिल हैं। डॉ. पाल ने कहा कि यह इलाज मरीज की प्रकृति के अनुसार होते हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह अनुसार ही आयुर्वेदिक उपचार अपनाएं।