हिमाचल मंडी जिला सराजघाटी में छतरी-करसोग नगैलड़ी गांव में सड़क किनारे देवदार के पेड़ पर विराजमान देव बनशीरा सड़क हादसों से रक्षा करते हैं।
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नंबर प्लेट चढ़ावा, हादसों से बचाते हैं 'देव बनशिरा'
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यहां से गुजरने वाले वाहन चालक पेड़ में विराजमान देव बनशीरा को सड़क हादसों से बचने के लिए लोहे के त्रिशूल और पुरानी नंबर प्लेटें चढ़ाते हैं।
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नंबर प्लेट चढ़ावा, हादसों से बचाते हैं 'देव बनशिरा'
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मान्यता है कि गाड़ी के सामान के चढ़ावे देव बनशीरा खुश होते हैं और जनमानस द्वारा की गई प्रार्थना को स्वीकार कर उनकी मनोकामना पूरी करते हैं। हिमाचल में मंडी और कुल्लू जिलों में अनेक जगहों पर पेड़ पर देव बनशीरा विराजमान हैं।
नंबर प्लेट चढ़ावा, हादसों से बचाते हैं 'देव बनशिरा'
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दंत कथा के अनुसार जब देवता धरती पर आए तो जंगलों और पर्वतों में तपस्या और सिद्धि करने की बात आई तो सर्व प्रथम अठारह करडू ने देवता बनशीरा से अनुमति लेकर जंगलों में तपस्या की थी। यही वजह है कि देवतों के मंदिरों में गाड़ियों की नंबर प्लेटें और अन्य सामान बड़ी संख्या में चढ़ाया जाता है।
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नंबर प्लेट चढ़ावा, हादसों से बचाते हैं 'देव बनशिरा'
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नंबर प्लेटों के साथ ही यहां पर गाड़ी का कोई भी पुर्जा या सामान भी चढ़ावे के तौर पर देवता को भेंट किया जाता है।