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हादसे के बाद हर तरफ चीख-पुकार, ईलाज न मिलने से गई कई जानें, तस्वीरें

Sun, 12 Jun 2016 08:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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हिमाचल के दाड़लाघाट के पास चमाकड़ी में हुए बस हादसे के घायलों को अगर समय पर बेहतर उपचार मिलता तो कुछ लोगों की जान बच सकती थी। सही ईलाज न मिलने से कई लोगों की जान चली गई। - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल के दाड़लाघाट के पास चमाकड़ी में हुए बस हादसे के घायलों को अगर समय पर बेहतर उपचार मिलता तो कुछ लोगों की जान बच सकती थी। सही ईलाज न मिलने से कई लोगों की जान चली गई।
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चिकित्सकों की कमी के कारण घायलों को ईएसआई अस्पताल दाड़लाघाट में भी पर्याप्त इलाज नहीं मिला। हादसे के वक्त महज आयुर्वेदिक चिकित्सक वहां मौजूद था। वहीं, अर्की अस्पताल में भी एक ही चिकित्सक था। - फोटो : अमर उजाला
चिकित्सकों की कमी के कारण घायलों को ईएसआई अस्पताल दाड़लाघाट में भी पर्याप्त इलाज नहीं मिला। हादसे के वक्त महज आयुर्वेदिक चिकित्सक वहां मौजूद था। वहीं, अर्की अस्पताल में भी एक ही चिकित्सक था।
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हालांकि बाद में आसपास से चिकित्सक बुला लिए गए, लेकिन तब तक काफी देर हो गई थी। आनन फानन में घायलों को सीधा 60 किलोमीटर दूर आईजीएमसी शिमला भेजना पड़ा और रास्ते में तीन घायलों ने जख्मों के ताव न सहते हुए दम तोड़ दिया, जबकि कई घायलों की हालत बिगड़ गई। - फोटो : अमर उजाला
हालांकि बाद में आसपास से चिकित्सक बुला लिए गए, लेकिन तब तक काफी देर हो गई थी। आनन फानन में घायलों को सीधा 60 किलोमीटर दूर आईजीएमसी शिमला भेजना पड़ा और रास्ते में तीन घायलों ने जख्मों के ताव न सहते हुए दम तोड़ दिया, जबकि कई घायलों की हालत बिगड़ गई।

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हादसे के दौरान डेढ़ साल की बच्ची अचानक गायब हो गई। मां रोती चिल्लाती रही। रेस्क्यू टीम ने बच्ची को खोजना शुरू किया। पूरे नाले का चप्पा चप्पा छान मारा, लेकिन बच्ची नहीं मिली। जहां से बस गिरी थी वहीं, बच्ची बाहर आ गिरी और झाडियों में फंस गई। - फोटो : अमर उजाला
हादसे के दौरान डेढ़ साल की बच्ची अचानक गायब हो गई। मां रोती चिल्लाती रही। रेस्क्यू टीम ने बच्ची को खोजना शुरू किया। पूरे नाले का चप्पा चप्पा छान मारा, लेकिन बच्ची नहीं मिली। जहां से बस गिरी थी वहीं, बच्ची बाहर आ गिरी और झाडियों में फंस गई।
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बच्ची की रोने की आवाज सुनकर ग्रामीणों से उसे बाहर निकाला। बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है। एसडीएम एलआर वर्मा ने कहा कि एक घंटे की मशक्कत के बाद बच्ची मिली है। वह झाड़ियों में फंसी थी। - फोटो : अमर उजाला
बच्ची की रोने की आवाज सुनकर ग्रामीणों से उसे बाहर निकाला। बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है। एसडीएम एलआर वर्मा ने कहा कि एक घंटे की मशक्कत के बाद बच्ची मिली है। वह झाड़ियों में फंसी थी।
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कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस का ड्राइवर एक ट्राले से ओवरटेक करते हुए संतुलन खो बैठा और यह दर्दनाक हादसा हो गया। इस बस में करीब 30-35 लोग सवार थे। - फोटो : अमर उजाला
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस का ड्राइवर एक ट्राले से ओवरटेक करते हुए संतुलन खो बैठा और यह दर्दनाक हादसा हो गया। इस बस में करीब 30-35 लोग सवार थे।
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उधर, प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार दाडला हेमचंद्र कश्यप ने मौके पर फौरी राहत बांटी और डीएसपी दाड्लाघाट नरवीर राठौर ने अपने दल बल सहित घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में काफी मदद की। स्थानीय लोगों ने भी घायलों की मदद की । - फोटो : अमर उजाला
उधर, प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार दाडला हेमचंद्र कश्यप ने  मौके पर फौरी राहत बांटी और डीएसपी दाड्लाघाट नरवीर राठौर ने अपने दल बल सहित घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में काफी मदद की। स्थानीय लोगों ने भी घायलों की मदद की ।

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चमाकड़ी पुल बस हादसे के घायलों के आईजीएमसी पहुंचते ही यहां अफरातफरी मच गई। अस्पताल परिसर चीखो-पुकार और एंबुलेंस के सायरन से गूंज उठा। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल यात्री करीब सात बजे से आईजीएमसी पहुंचना शुरू हो गए। बताया जा रहा है कि कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। - फोटो : अमर उजाला
चमाकड़ी पुल बस हादसे के घायलों के आईजीएमसी पहुंचते ही यहां अफरातफरी मच गई। अस्पताल परिसर चीखो-पुकार और एंबुलेंस के सायरन से गूंज उठा। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल यात्री करीब सात बजे से आईजीएमसी पहुंचना शुरू हो गए। बताया जा रहा है कि कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।
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हादसे के दौरान रेफर किए गए तीन लोग ब्राड डेड पाए गए। यहां चिकित्सकों ने इन्हें मृत घोषित कर दिया। गेट से लेकर इमरजेंसी वार्ड तक घायलों के परिजनों की भीड़ थी। गेट पर पहुंचते ही लोगों की भीड़ को अलग कर मरीजों को स्ट्रेचर पर लिटाया गया, और वार्ड भेजा गया। उधर, डॉक्टरों की टीम मरीजों के आने का इंतजार कर रह थे। इधर, एक के बाद एक एंबुलेंस अस्पताल पहुंचने पर कुछ समय के लिए स्थिति पर काबू पाना मुश्किल हो गया। हालांकि, सीनियर रेजिडेंट तथा सीएमओ ने मरीजों के उपचार को मोर्चा संभाल लिया। - फोटो : अमर उजाला
हादसे के दौरान रेफर किए गए तीन लोग ब्राड डेड पाए गए। यहां चिकित्सकों ने इन्हें मृत घोषित कर दिया। गेट से लेकर इमरजेंसी वार्ड तक घायलों के परिजनों की भीड़ थी। गेट पर पहुंचते ही लोगों की भीड़ को अलग कर मरीजों को स्ट्रेचर पर लिटाया गया, और वार्ड भेजा गया। उधर, डॉक्टरों की टीम मरीजों के आने का इंतजार कर रह थे। इधर, एक के बाद एक एंबुलेंस अस्पताल पहुंचने पर कुछ समय के लिए स्थिति पर काबू पाना मुश्किल हो गया। हालांकि, सीनियर रेजिडेंट तथा सीएमओ ने मरीजों के उपचार को मोर्चा संभाल लिया।
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