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यहां एक साथ जलीं पांच चिताएं, देवभूमि की इस मान्यता से वाकिफ नहीं होंगे आप

Mon, 19 Nov 2018 01:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहतपुर (ऊना)
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श्मशानघाट बभौर साहिब में एक साथ पांच चिताएं जलीं। मामला हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले का है। कहा जाता है कि अगर किसी व्यक्ति का निधन पंजक के दिनों में हो जाए, तो हिंदू विधान के अनुसार पांच पुतलों को एक साथ जलाया जाता है, लेकिन..
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बीते दिन पुतलों के स्थान पर एक साथ पांच शवों का अंतिम संस्कार होते देख कई लोग हैरत में पड़ गए। करीब 25 सालों से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया करवाने वाले बभौर साहिब के लवली ने कहा कि एक साथ पांच चिताएं पंजक के दिनों में चलती हुई उन्होंने पहली बार देखी हैं।
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जिन पांच लोगों का अंतिम संस्कार किया गया, उनमें नगर परिषद मैहतपुर बसदेहड़ा के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश एवं हिमाचल शिक्षा समिति के जिला अध्यक्ष मास्टर प्रेमस्वरूप शर्मा की 103 वर्षीय माता धनवंती देवी शामिल है।

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इसके साथ ही उनके साथ लोअर देहलां से 85 वर्षीय रक्षा देवी, बभौर साहिब से 85 वर्षीय द्रोपदी देवी, बहडाला से 80 वर्षीय शंकुतला देवी तथा गांव फत्तेवाल से 78 वर्षीय प्रीतमचंद  शामिल हैं। रविवार को एक साथ पांच शवों का अंतिम संस्कार करते वक्त उस वक्त दिक्कत खड़ी हो गई।
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शव पांच और श्मशानघाट में शवों के अंतिम संस्कार के लिए बनाई गई चार भट्ठियों की संख्या चार है। ऐसे में एक शव का अंतिम संस्कार भट्ठी के बाहर ही रखकर करना पड़ा। संस्कार पर पहुंचे कई प्रमुख लोगों बीएस चंदेल, बोधराज, जियालाल, देंवेद्र वत्स, विवेक अग्रवाल, बालकिशन, अनिल कुमार ने कहा कि इस प्रकार एक साथ पांच शवों का एक साथ संस्कार पंजक के दिन उन्होंने पहली बार देखा है।
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