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श्मशानघाट पर नहीं जलाने दिया महिला का शव, नाले में किया अंतिम संस्कार, जानिए पूरा मामला

Fri, 12 Apr 2019 06:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुल्लू
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- फोटो : अमर उजाला
देश को आजाद हुए 72 वर्ष बीत गए हैं, लेकिन जातिवाद की जड़ों ने समाज को किस कद्र जकड़ा हुआ है। इसका उदाहरण हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की हुरंग पंचायत में फोजल के अंतर्गत आने वाले गांव धारा में हुए घटनाक्रम से लगाया जा सकता है।
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आरोप है कि पंचायत की ओर से सरकारी खर्चे पर बनाए गए श्मशान घाट पर सवर्ण समाज के कुछ लोगों ने दलित महिला के शव को जलाने से इंकार कर दिया। इसके पीछे दलील दी गई कि अगर दलित महिला के शव को यहां पर जलाया गया तो देव प्रकोप से अगर कुछ भी होता है तो उसकी जिम्मेवारी शव जलाने वालों की होगी।
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दरअसल फोजल क्षेत्र के गांव धारा में एक महिला की मौत हो गई। इसका शव जलाने के लिए सार्वजनिक श्मशानघाट का चयन किया गया था। लेकिन सवर्णों के विरोध के बाद आखिर में दलित समाज के लोगों को महिला का शव नाले में जलाना पड़ा। 

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ग्रामीण केहर सिंह, मेहर चंद, शिव राम, तापे राम ने कहा कि श्मशानघाट सरकारी खर्चे पर बना है और सार्वजनिक है। इसमें छुआछूत करना दलितों के साथ अन्याय है। अब यह मसला सामने आने के बाद कुल्लू में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संबंध में हुरंग पंचायत की प्रधान आशा देवी ने कहा कि उन्हें सुबह फोन पर इसकी सूचना मिली।
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- फोटो : अमर उजाला
श्मशानघाट में अभी लेंटर डाला गया है। अभी इसमें भट्ठी नहीं लगी है। पूरा काम होने के बाद इसमें सभी शव जला सकेंगे। वहीं अनुसूचित जाति कल्याण संघ के अध्यक्ष दिले राम ने कहा कि इस प्रकार की घटना शर्मनाक है। प्रशासन जातीय भेदभाव करने वालों पर कार्रवाई कर मामला दर्ज करे।
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