ग्रामीण केहर सिंह, मेहर चंद, शिव राम, तापे राम ने कहा कि श्मशानघाट सरकारी खर्चे पर बना है और सार्वजनिक है। इसमें छुआछूत करना दलितों के साथ अन्याय है। अब यह मसला सामने आने के बाद कुल्लू में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संबंध में हुरंग पंचायत की प्रधान आशा देवी ने कहा कि उन्हें सुबह फोन पर इसकी सूचना मिली।