ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर बात करने से मना करने पर सेना के जवान की गोली का शिकार हुए हिमाचल के धर्मशाला के दाड़ी निवासी मेजर शिखर थापा का बुधवार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मेजर शिखर थापा की अंतिम यात्रा के दौरान सैन्य अधिकारी और जिला प्रशासन के साथ क्षेत्र के हजारों की संख्या में लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी।
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वहीं, शिखर थापा के पिता अरविंद्र कुमार ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब नौ बजे मेजर के शव को योल स्थित हेलीपैड पर उतारा गया। इसके बाद शव को सेना ने उनके घर पहुंचाया। इसके बाद मेजर के परिजन शिखर थापा की मौसी के लड़के एवं भाई मेजर साहिल के इंतजार के लिए रुके।
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करीब एक बजे मेजर साहिल के आने के बाद उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। इससे पहले ही सेना के दो दर्जन से अधिक अधिकारी और जवान घर में पहुंच चुके थे। अंत्येष्टि स्थल पर सेना ने उन्हें सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी।
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इस दौरान मंत्री जीएस बाली, मेजर विजय सिंह मनकोटिया, पूर्व मंत्री किशन कपूर, डीसी कांगड़ा सीपी वर्मा, एसडीएम धर्मशाला श्रवण मांटा, एएसपी कांगड़ा गौरव सिंह, सदर थाना धर्मशाला के स्टाफ सहित अन्य लोग भी उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
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मेजर शिखर थापा भले ही अपनी अर्द्धांग्नि सुविधा थापा के साथ सात जन्मों के बंधन को न निभा पाया हो, लेकिन, उसकी पत्नी मेजर की अर्थी के साथ-साथ श्मशानघाट तक रोती- विलखती पहुंची।
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वहीं, इस दौरान मेजर थापा की मां भी बेटे की अर्थी के साथ मौजूद रही।
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सिपाही की गोली का शिकार हुए मेजर शिखर थापा के ससुराल नगरोटा बगवां में भी शोक की लहर रही।
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मेजर की गोली मार कर हत्या की खबर जैसे ही नगर में फैली तो मेजर के ससुर अरविंद बस्सी के घर स्थानीय लोग शोक व्यक्त करने पहुंचने लगे।
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इस घटना को लेकर खत्री सभा नगरोटा बगवां ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है।