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हिमाचल में हादसा: बरसात के बाद पहाड़ी में आ गई थीं दरारें...आठ दिन पहले प्रशासन को चेताया था; चली गईं 16 जानें

Wed, 08 Oct 2025 09:28 AM IST
शाहरुख खान नीरज महाजन, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर

सार

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बीच बिलासपुर के मरोतन से घुमारवीं जा रही 32 सीटर निजी बस पर पहाड़ से भारी भरकम चट्टानों के साथ मलबा आ गिरा। मंगलवार शाम को हुए इस हादसे में 16 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। भाई-बहन दो बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। 
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Bilaspur Accident - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर के बरठीं के भल्लू पुल के पास हुए भीषण हादसा से पूरे क्षेत्र हिला गया है। घटनास्थल पर मौजूद सूबेदार मेजर कुलवंत सिंह पटियाल ने बताया कि यह जगह पहले से ही अत्यधिक संवेदनशील थी। पहाड़ी से अकसर मिट्टी और पत्थर गिरते रहते थे, लेकिन विभाग ने इसे ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित करने या स्थायी सुरक्षा उपाय करने की कोई कोशिश नहीं की।

उनका कहना है कि भल्लू पुल का यह हिस्सा हमेशा से खतरे में बताया जा रहा था। बरसात के बाद पहाड़ी में दरारें पड़ गई थीं। ग्रामीणों ने कई बार विभाग को सूचित किया। आठ दिन पहले भी लोगों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से इस हिस्से में को मजबूत और सुरक्षित करने की मांग की थी। 
 
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मौके पर भीड़ और एंबुलेंस की गाड़ी - फोटो : पीटीआई
इसके बावजूद इसको लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया। अब हुआ हादसा उस अनदेखी का परिणाम है। मरोतन से घुमारवीं रूट पर दिन में संतोषी बस दो बार चलती थी। भल्लू पुल के इस हिस्से पर एक ओर कच्ची पहाड़ी है तो दूसरी ओर गहरी खड्ड। 
 
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जेसीबी से बचाव अभियान चलाते हुए टीम - फोटो : पीटीआई
यात्रियों के पहाड़ी से नीचे खड्ड में गिरने की जताई थी आशंका
यही कारण है कि हादसे के बाद प्रशासन ने यह आशंका भी जताई कि कुछ यात्री पहाड़ी से नीचे खड्ड में गिर गए होंगे। खोज अभियान के दौरान जेसीबी मशीनों को नीचे तक उतारा गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई शव या व्यक्ति नीचे न दबा हो। यह बस रूट पर दिन में सुबह 7:30 बजे यह घुमारवीं बस अड्डे से चलकर सुन्हाणी, बरठीं, भड़ोली कलां, कलोल और जेजवीं होते हुए मरोतन पहुंचती थी। 
 

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जेसीबी से बचाव अभियान चलाते हुए टीम - फोटो : पीटीआई
15 परिवारों की खुशियां छीनी
दोपहर करीब 12:30 बजे वापस लौटती थी और फिर दोपहर एक बजे दूसरा फेरा लगाती थी। लगातार तीन दिनों से तेज बारिश ने पहाड़ी को कमजोर कर दिया था। इसके चलते मंगलवार को 15 परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। जिन घरों में सुबह लोग काम पर निकले थे, शाम तक वहां मातम छा गया था। 
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हादसे के बाद बस का हुआ ऐसा हाल - फोटो : पीटीआई
लोगों ने बचाव कार्य में की मदद
घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और अपनी जान की परवाह किए बिना राहत कार्य शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में पुलिस, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची। एनडीआरएफ की टीम ने रात करीब नौ बजे रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली। 
 
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जेसीबी से बचाव अभियान चलाते हुए टीम - फोटो : पीटीआई
सलापड़ से तीन वाहनों में दर्जनों प्रशिक्षित जवान घटनास्थल पहुंचे। अंधेरा होने के कारण मौके पर जनरेटर की व्यवस्था की गई। मलबे में फंसे यात्रियों को निकालने का अभियान शुरू किया गया। देर रात तक जेसीबी मशीनों और प्रशिक्षित डॉग स्क्वाड की मदद से मलबा हटाने का कार्य जारी रहा।
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खोजी कुत्तों से शवों को खोजते हुए बचाव दल - फोटो : पीटीआई
नड्डा, बिंदल व अनुराग ने हादसे पर जताया दुख
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप, कंगना रणौत समेत बिलासपुर जिले के सभी विधायकों ने शोक जताया है।
 

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खोजी कुत्तों से शवों को खोजते हुए बचाव दल - फोटो : पीटीआई
मानसून में 210 गंवा चुके हैं जान
मानसून के दौरान बारिश, भूस्खलन से 190 लोगों की मौत हुई है। इनमें बिलासपुर में 8, चंबा में 26, हमीरपुर में 3, कांगड़ा में 22, किन्नौर में 15, कुल्लू में 13, लाहौल स्पीति में 4, मंडी में 25, शिमला में 25, सिरमौर में 11, सोलन में 25 और ऊना में 13 लोगों की जान गई। अब तक 210 लोगों की हुई है।

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हादसे के बाद बस का हुआ ऐसा हाल - फोटो : पीटीआई
बरठीं में पहाड़ से बस पर गिरीं चट्टानें; 16 की मौत, एक लापता
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बीच बिलासपुर के मरोतन से घुमारवीं जा रही 32 सीटर निजी बस पर पहाड़ से भारी भरकम चट्टानों के साथ मलबा आ गिरा। मंगलवार शाम को हुए इस हादसे में 16 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। भाई-बहन दो बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इन्हीं बच्चों के परिवार के चार सदस्यों की हादसे में मौत हो गई है। बस में कुल 18 लोग सवार थे। स्थानीय निवासी आठ वर्षीय राहुल लापता है। राहुल की मां बिमला का शव बरामद हो गया है।
 

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शवों का लगा ढेर - फोटो : पीटीआई
बस में बैठी सवारियों पर आ गिरा मलबा 
हादसा बरठीं में भल्लू पुल के पास शुक्र खड्ड किनारे हुआ। पहाड़ी से मलबा गिरने से निजी बस की छत उखड़कर खड्ड के किनारे जा गिरी, जबकि सारा मलबा बस में बैठी सवारियों पर आ गिरा। पुलिस के अनुसार, मंगलवार शाम 6:30 बजे मरोतन से घुमारवीं जा रही बस पर अचानक पहाड़ी से मलबा गिर गया। हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। पीछे से आ रहे गाड़ी चालकों ने इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है।

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बचाव अभियान चलाते हुए टीम - फोटो : पीटीआई
मरोतन, बरठीं और बीच के स्टैंड से सवार हुए थे लोग
पुलिस और स्थानीय लोगों ने सबसे पहले मलबे से आरुषि (10) और शौर्य (8) को निकालकर उपचार के लिए बरठीं अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से उन्हें एम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। बस में मरोतन, बरठीं और बीच के स्टेशनों से लोग सवार हुए थे। ज्यादातर नौकरी और काम से लौटने वाले लोग हैं। पुलिस प्रशासन ने अभी रेस्क्यू अभियान बंद नहीं किया है। एनडीआरएफ भी मौके पर डटी रही। एसपी संदीप धवल, एसडीएम गौरव चौधरी, झंडूता विधायक जीत राम कटवाल ने भी मौके पर दौरा किया। हादसे की सूचना मिलने के बाद कुल्लू दशहरा के समापन को लिए पहुंचे उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री कार्यक्रम को छोड़ हादसा स्थल के लिए निकले।

 

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बचाव अभियान चलाती टीम और अन्य लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घायल भाई-बहन की मां, दो चचेरे भाइयों और चाची की गई जान
फगोग गांव की घायल आरुषि (10) और शौर्य (8) की मां कमलेश कुमारी की भी मौत हो गई है। उनके साथ बस में जा रहे दो चचेरे भाई नक्श और आरव और उनकी मां अंजना कुमारी की भी जान चली गई। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से हर कोई सन्न है। अंजना कुमारी और कमलेश कुमारी का मायका गंगलोह थेह गांव में है। बताया जा रहा है कि दोनों देवरानी और जेठानी मायके से अपने ससुराल फगोग जा रही थी कि हादसे का शिकार हो गई। शवों को पहचान के लिए बरठीं अस्पताल रखा गया है। यहां चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। हादसे की खबर फैलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में पीड़ित परिवार के सदस्यों को लोग सांत्वना दे रहे थे। कोई उन्हें पानी पिला रहा था तो कोई आंसू पोंछ रहा था।

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बचाव अभियान चलाती टीम और अन्य लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चालक-परिचालक की मौत कंडक्टरी कर रहा मालिक पहले उतर गया था बरठीं में
पुलिस के अनुसार, हादसे में चालक और परिचालक की भी मौत हो गई है। बस का मालिक राजकुमार पहले खुद कंडक्टरी कर रहा था। बस का नाम मां पर संतोषी रखा है। हादसे से पहले वह बरठीं में उतर गया। उसने वहां दूसरे परिचालक को आगे जाने के लिए कहा और कुछ ही दूरी पर हादसा हो गया। इसमें नए परिचालक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वाल्मीकि जयंती की छुट्टी होने के चलते रोजाना की तरह बहुत ज्यादा सवारियां नहीं थीं।
 

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बचाव अभियान चलाती टीम और अन्य लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे में इन 16 लोगों की गई जान
बख्शी राम (भल्लू), नरेंद्र (छत), कृष्णलाल (थापना नरली), रजनीश, चुन्नी (बरड़), सोनू (कच्युत), शरीफ खान (मलांगण), बिमला (देण), आरव, कमलेश, अंजना, नक्श (फगोग), प्रवीण (डोहग), कांता देवी (सियोथा), संजीव (मैड) की मौत हुई है।
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बचाव अभियान चलाती टीम और अन्य लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पीएम, राष्ट्रपति, गृह मंत्री और सीएम ने जताया दुख 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बरठीं में हुए बस हादसे पर दुख व्यक्त किया है। पीएमओ की ओर से जारी बयान के अनुसार पीएम ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। उधर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृह मंत्री अमित शाह, सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी बिलासपुर हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
 
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