अयोध्या का देवभूमि कुल्लू से 369 साल पुराना अटूट रिश्ता रहा है। 1650 ई. में भगवान रघुनाथ को अयोध्या से देवभूमि कुल्लू लाया गया था। हालांकि, रघुनाथ को ढालपुर के रघुनाथ में 1660 ई. में विराजमान किया गया था। इससे पहले रघुनाथ को सबसे पहले मकराहड़ और बाद में धार्मिक स्थल मणिकर्ण में भी रखा गया। इसी के चलते मणिकर्ण को राम की नगरी भी कहा जाता है और यहां एक भव्य राम मंदिर भी बनाया गया है।