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शहीद विजय के शव से लिपट कर फूट फूटकर रोई मेनका, बेटा बोला सेना में भर्ती होकर लूंगा बदला

Sun, 05 Aug 2018 12:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्री नयना देवी (बिलासपुर)
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कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में हुई आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए बिलासपुर जिले के जवान विजय कुमार का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गोबिंद सागर झील किनारे शहीद के बड़े बेटे निशांत ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।
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इस दौरान 338 मिडियम रेजिमेंट जालंधर कैंट और 200 मिडियम रेजिमेंट चंडी मंदिर से आईं सेना की दो टुकड़ियों के 40 जवानों ने अपने साथी को अंतिम सलामी दी।
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बेटे की शहादत के गम में डूबे पिता रणजीत सिंह ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर फख्र है कि वह देश की रक्षा करते शहीद हुआ।

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सेना के अधिकारियों ने शहीद की पार्थिव देह से लिपटा तिरंगा पिता को दे दिया। इससे पहले जिले के श्रीनयना देवी की माकड़ी पंचायत के गांव उट्टपर के रहने वाले शहीद विजय कुमार का पार्थिव शरीर दोपहर बाद साढ़े तीन बजे उनके पैतृक गांव पहुंचा।
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सेना के जवान भी अपने साथी को आखिरी सलामी देने पहुंचे थे। जैसे ही पार्थिव देह घर पहुंची, पूरा गांव शहीद के घर पर उमड़ पड़ा। शहीद की पत्नी मेनका का रो-रोकर बुरा हाल था।
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हर गांववासी की आंखें नम थीं। लोग विजय कुमार अमर रहे और भारत माता के जयकारे लगा रहा थे। इसके साथ ही पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगे।
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शहीद का पार्थिव शरीर श्रीनगर से पठानकोट तक सैन्य विमान में और पठानकोट से सेना के हेलीकॉप्टर में आनंदपुर तक लाया गया। इसके बाद सैन्य वाहन में उनके शरीर को उनके पैतृक गांव उट्टपर पहुंचाया गया।

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विजय की पत्नी मेनका ने पति का शव देखा तो वह रोते हुए उससे लिपट गई। देर तक जब वह वैसे ही लिपटी रही तो परिवार वालों ने मेनका को वहां से हटाया।

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शहीद के बेटे निशांत (8) और सुशांत (5) भी अपने पिता की पार्थिव देह को टकटकी लगाए देखते जा रहे थे। इसे देख वहां मौजूद हर किसी का हृदय पसीज रहा था। रिश्तेदार और गांव वाले उनको संभाल रहे थे।
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बेटा बोला सेना में भर्ती होकर लूंगा बदला, पिता को बेटे पर फख्र- शहीद विजय के बड़े बेटे निशांत का कहना है कि वह सेना में भर्ती होकर आतंकियों से बदला लेगा। देश के दुश्मनों को खत्म कर देगा। दूसरी तरफ गम में डूबे शहीद के पिता रणजीत सिंह ने कहा कि बेटे की शहादत पर उन्हें गर्व है।
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