राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में राष्ट्रीय खेल पुरस्कार समारोह में हिमाचल के अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी पद्मश्री अजय ठाकुर को अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया। यह पुरस्कार अजय को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिया।
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इसके साथ ही उन्हें पांच लाख रुपये की राशि, महान धनुर्धर अर्जुन की कांस्य प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र मिला। अजय ठाकुर को इसी वर्ष 11 मार्च को पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। भारत रत्न, पद्म विभूषण और पद्म भूषण के बाद देश का यह चौथा बड़ा सम्मान है।
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पद्मश्री अजय ठाकुर ने देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का डंका बजाया है। सरकार ने उन्हें डीएसपी के पद से नवाजा है। उनकी पोस्टिंग बिलासपुर में है। आजकल वह प्रो-कबड्डी लीग में तमिल टीम की कप्तानी कर रहे हैं।
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सोलन के नालागढ़ में दभोटा गांव के अजय को वैसे तो घर से ही स्पोर्ट्स का माहौल मिला है, लेकिन उन्होंने खेल कॅरिअर की शुरुआत दभोटा में जन सहयोग से बनाए खेल मैदान से की है। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं एनआईएस कोच राकेश कुमार से खेल की बारीकियां सीखीं।
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इसके बाद साई हॉस्टल बिलासपुर से कबड्डी में अपने कॅरिअर को आगे बढ़ाया। अजय ठाकुर के कॅरिअर को उड़ान प्रो-कबड्डी लीग से मिली। पहले ही सीजन में बंगलूरू टीम खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया।
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वह बंगलूरू और पुणे की टीम का हिस्सा रहे हैं। अब पिछले दो सीजन से तमिल टीम की कप्तानी कर रहे हैं। वर्ष 2014 एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय कबड्डी टीम में अजय ने अहम भूमिका निभाई है। वर्ल्ड कप में बेस्ट रेडर का खिताब जीता था।
अजय ठाकुर के अनुसार प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, अपितु एक मंच मिलने की आवश्यकता है। नालागढ़ में हरियाणा और चंडीगढ़ की तर्ज पर एक ही स्थल पर सभी सुविधाओं तथा खेल मैदान वाला स्पोर्ट्स कांप्लेक्स होना चाहिए। यदि स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बन जाता है तो अन्य कई खिलाड़ी प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।