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पिता हो गए लाचार तो बेटी ने अपने कंधों पर उठा लिया परिवार का भार

Thu, 23 Jan 2020 12:46 PM IST
अरविन्द ठाकुर शशिभूषण पुरोहित, अमर उजाला, ऊना
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- फोटो : अमर उजाला
...सर! जीरो चेक कर लीजिये और वह फुर्ती से अपने काम में लग जाती है। हमीरपुर रोड स्थित यूनिवर्सल पेट्रोल पंप पर कई पुरुष सहकर्मियों के बीच बड़ी कुशलता से अकेली लड़की को अपना काम करते हुए देख हर कोई हैरान है। वैसे तो आज के दौर में महिलाएं पुरुषों से कहीं आगे बढ़कर काम कर रही हैं, लेकिन हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में अभी भी महिलाएं वो काम करने में झिझकती हैं, जो आमतौर पर पुरुष करते हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
कांगड़ा जिले के ज्वालाजी की प्रियंका राजपूत ने इस पुरुषवादी परंपरा को बदला है। हालांकि, वाहनों में तेल भरने का काम कर रहीं प्रियंका राजपूत को एक बड़ी मजबूरी भी इस पेशे में ले आई है। प्रियंका के पिता बीमारी के चलते अपनी एक टांग और दूसरा पांव भी खो चुके हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
प्रियंका ने बताया कि पापा की टांग और दूसरा पांव कटने से पहले डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई में उपचार कराने की सलाह दी थी, लेकिन पैसों के अभाव और अन्य कारणों के चलते उनका इलाज नहीं हो पाया। मां गृहिणी हैं, जो घर का कामकाज देखती हैं। प्रियंका के दो भाई हैं। इनमें एक दसवीं और दूसरा बारहवीं कक्षा का छात्र है।

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- फोटो : अमर उजाला
अब उसने परिवार का भार उठाने की ठानी है। प्राइवेट स्तर पर हिंदी में एमए कर रहीं प्रियंका ने बताया कि वह एमए के बाद बीएड करना चाहती हैं, लेकिन इसके लिए मेहनत करनी होगी। इसे वह जारी रखना चाहती हैं। बकौल, प्रियंका उसे पेट्रोल पंप पर 8 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं और पंप का स्टाफ सहयोग करने वाला है।
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- फोटो : अमर उजाला
उधर, यूनिवर्सल फिलिंग स्टेशन के संचालक अजय कुमार ने बताया कि प्रियंका ने अपनी मजबूरी बताई और जब उसका काम करने का जज्बा देखा तो उसे यहां जॉब दी। उन्होंने बताया कि अभी प्रियंका की प्रशिक्षण अवधि चल रही है। भविष्य में उसका मेहनताना बढ़ाया जाएगा।
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