हिमाचल प्रदेश की राजधानी में भारी बर्फबारी लोगों के लिए कई दुश्वारियां भी लेकर आई है। शुक्रवार सबुह लोग बर्फ पर गिरते-फिसलते अपने गंतव्य तक पहुंचे। बर्फ पर फिसलकर गिरने से शहर में नौ लोग घायल हो गए। घायलों ने डीडीयू अस्पताल में उपचार करवाया। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चौहान ने इसकी पुष्टि की है। बताया कि सभी मरीजों को उपचार देकर घर भेज दिया है।
विज्ञापन
2 of 8
- फोटो : नरेंद्र भारद्वाज
कांगड़ा के रहने वाले राजेंद्र शिमला में परीक्षा देने आए थे लेकिन पुराना बस अड्डे के पास बर्फ पर गिरकर घायल हो गए। इलाज के लिए जब रिपन अस्पताल आए तो ओपीडी में बैठे हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल वर्मा ने चेकअप कर बताया कि कोहनी में फ्रेक्चर हुआ है।
विज्ञापन
3 of 8
- फोटो : नरेश भारद्वाज
शिमला के रहने वाले राजकुमार के हाथ में फ्रेक्चर हुआ है। इसी तरह केएनएच, हाईकोर्ट और चक्कर के पास भी कई लोग बर्फ पर गिरकर घायल हुए हैं। प्लास्टर असिस्टेंट राजपाल, अमन और दुलाराम ने बताया कि करीब नौ लोगों को वह प्लास्टर चढ़ा चुके हैं।
4 of 8
- फोटो : नरेश भारद्वाज
आईजीएमसी अस्पताल के पास सड़क पर सुबह के समय कई लोग गिरकर चोटिल हुए। इनमें बुजुर्ग भी शामिल थे लेकिन इसमें से अधिकतर को हल्की चोटें आई हैं। राजधानी में नए साल की पहली भारी बर्फबारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम के इंतजामों की शुक्रवार को पोल खुल गई।
विज्ञापन
5 of 8
- फोटो : नरेश भारद्वाज
सुबह लोग बर्फ पर गिरते-फिसलते हुए अपने कार्यस्थलों में पहुंचे। दोपहर बाद तक शहर के ज्यादातर सड़कें और रास्तें बंद रहे। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कारोबारियों को बाजार से खुद बर्फ हटानी पड़ी।
विज्ञापन
6 of 8
- फोटो : नरेश भारद्वाज
लोगों का कहना था कि बिजली, सड़कें ठप होने से सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रशासन को पहले ही इसकी तैयारी करनी चाहिए थी। शिमला व्यापार मंडल के महासचिव संजीव ठाकुर ने कहा कि नगर निगम ने बाजार की सड़क से तो मशीन से बर्फ हटा दी लेकिन इसे दुकानों की ओर धकेल दिया। सुबह दुकान खोलने से पहले दुकानदारों को खुद दुकानों के आगे लगे बर्फ के ढेर हटाने पड़े हैं।
विज्ञापन
7 of 8
- फोटो : अमर उजाला
दो बजे मिला दूध और ब्रेड
मार्केट कमेटी के महासचिव देवेंद्र चौधरी ने कहा कि बिजली की तारें टूटी पड़ी हैं। इससे घरों में लाइट नहीं है। सड़कों और रास्तों से भी बर्फ नहीं हटाई है। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। दूध और ब्रेड भी दो बजे मिला है। टुटू के रोनित ने कहा कि सुबह सारी सड़कें बंद थीं। पैदल चलने तक के लिए रास्ते नहीं थे। रात को ही बर्फबारी रुक गई थी तो मशीनों के जरिये रात को ही बर्फ हटानी चाहिए थी। सुबह पैदल ही दफ्तर जाना पड़ा है।
ब्योलिया के राकेश भारद्वाज ने कहा कि बर्फबारी हटाने के लिए कम मशीनें लगाई गईं। शाम तक भी कई रास्ते और सड़कें नहीं खुल पाई थीं। पैदल ही लोग बाजार और काम पर जाने को मजबूर हैं। वह भी पैदल ही दफ्तर पहुंचे।