रेस्क्यू ऑपरेशन तेज होने के साथ ही बारालाचा दर्रे के आसपास बर्फ में फंसे सैलानियों की संख्या बढ़ने के आंकड़े सामने आ रहे हैं।
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केलांग से रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हेलीकॉप्टर से बारालाचा दर्रा गए पुलिस जवान राजेश कटोच ने वहां से सेटेलाइट फोन पर अमर उजाला को बताया कि भरतपुर में 70 से ज्यादा, बारालाचा और सूरजताल के पास करीब 400 लोग अभी भी फंसे हुए हैं।
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सूरजताल के आसपास फंसे कई लोगों की हालत भूख और ठंड से नाजुक बनी हुई है। फंसे हुए लोगों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। सेटेलाइट फोन के जरिए कटोच ने हेलीकॉप्टर से मैगी के पैकेट्स ड्रॉप करने की डीएसपी केलांग हरीश शर्मा से अपील की है।
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कुछ लोगों को सेना और बीआरओ के ट्रांजिट कैंपों में रखा गया है। लेकिन सेना के कैंप में एक से दो दिन का ही राशन बचा है। भरतपुर में फंसे भूटान और नेपाल के बौद्ध भिक्षु और श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित हैं।
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रेस्क्यू आपरेशन के लिए केलांग से राजेश समेत लायुल मोंट्रिनिग एंड स्कीइंग एसोसिएशन के चार लोग हेलीकॉप्टर से बारालाचा और भरतपुर गए हैं। इधर, सेना बर्फ में फंसे लोगों को स्तींगरी हेलीपैड में उतारने के बजाए सीधे कुल्लू में उतार रही है।
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एसडीएम अमर नेगी ने बताया कि चंद्रताल और छतडू इलाके में फंसे सभी लोग सुरक्षित हैं। हेलीकॉप्टर से बारालाचा, भरतपुर, सूरजताल और छतडू क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से खाद्य सामग्री के अलावा दवाइयां फेंकी गई हैं। डीएसपी हरीश शर्मा ने बताया कि रेस्क्यू टीम ने बारालाचा से सेटेलाइट फोन पर सूरजताल, बारालाचा और भरतपुर क्षेत्र में करीब 500 लोगों के फंसे होने की सूचना दी है।
कुल्लू प्रशासन के मुताबिक रोहतांग टनल से अब तक करीब 650 और सेना के हेलीकॉप्टरों से 28 सैलानियों को रेस्क्यू कर कुल्लू पहुंचाया गया है। कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने बताया कि बीआरओ ने केलांग दारचा के बीच सड़क बहाल कर दी है। वीरवार सुबह तक केलांग नॉर्थ पोर्टल के बीच सड़क खोल दी जाएगी। जिंगजिंगबार से भी बीआरओ की मशीनों को तैनात कर दिया गया है।