शिमला के रामपुर उपमंडल में वीरवार रात को बादल फटने से नरैन और कांगल में भारी तबाही हुई है। नरैन पंचायत के कडैली में भारी बारिश से आया मलबा एक शेडनुमा घर को बहा ले गया। इसमें सो रहे एक ही परिवार के छह सदस्य मलबे में दब गए। दंपति और उसके दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई है। उनके शव शुक्रवार सुबह बरामद कर लिए गए हैं।
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गंभीर रूप से घायल तेरह साल के उनके एक दिव्यांग बेटे ने खनेरी अस्पताल में दम तोड़ दिया। दंपति की 11 साल की बेटी अभी लापता है। नेपाल मूल के छह सदस्यीय इस परिवार में लापता बेटी की मलबे में तलाश जारी है। ग्रामीण उसके सकुशल होने की दुआएं मांग रहे हैं। घटना के बाद से क्षेत्र में मातम का माहौल है।
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नरैन पंचायत के प्रधान नरेश चौहान ने बताया कि बादल फटने से मलबा आने से खेत में बना शेडनुमा घर बह गया है। नेपाल मूल का परिवार पिछले 15 सालों से सुरजा देवी के बागीचे की देखभाल करता आ रहा था। घटना के समय पूरा परिवार सोया हुआ था। हादसे की पुष्टि करते हुए डीएसपी रामपुर सोमदत्त ने बताया कि पुलिस ने चार शव बरामद कर लिए हैं। घायल लड़के ने खनेरी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। पुलिस की रेस्क्यू टीम लापता लड़की की तलाश में जुटी है।
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उधर, तकलेच पंचायत के कांगल नाला में बादल फटने से सेलरा खड्ड में भयंकर बाढ़ आ गई। इसमें दो फिशरी टैंक और प्लम के सैकड़ों पेड़ और खेत बह गए हैं। दो परिवारों के मकानों और घराट को खतरा बना हुआ है। कई सिंचाई नहरें तबाह हो गई हैं। ग्रामीण मकानों को छोड़ सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।
नरैन में हुए हादसे के शिकार
मृतकों में लछीराम (45), देव कुमारी (32) पत्नी लछीराम, सुनीता (7) पुत्री लछीराम, सूरज (6) पुत्र लछीराम और कर्ण बहादुर (13) शामिल हैं। पुरुषोत्तमा (11) पुत्री लछीराम लापता है।