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हिमाचल में 17 शिक्षकों को मिला पुरस्कार, जानें क्या है इनकी उपलब्धियां

Mon, 05 Oct 2020 09:38 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार - फोटो : अमर उजाला
विश्व शिक्षक दिवस पर सोमवार को प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 17 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पांच साल में 100 फीसदी परिणाम और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए काम करने पर इन शिक्षकों को यह पुरस्कार दिया गया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने पीटरहॉफ में शिक्षकों को शॉल, टोपी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। पुरस्कार के तौर पर राज्य स्तरीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों को एक साल और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों को दो साल का सेवा विस्तार दिया गया। 
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- फोटो : अमर उजाला
विकास महाजन : रावमापा चंबा के प्रधानाचार्य विकास महाजन को बीते वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इन्होंने गरीब बच्चों को छात्रवृत्तियां उपलब्ध करवाईं। स्कूल में नामांकन को 716 से बढ़ाकर 928 किया। विद्यार्थियों के लिए कोट और स्वेटर का इंतजाम किया। स्कूल के पुराने भवन की मरम्मत करवाने में सक्रिय भूमिका निभाई। नीट और जेईईई की बच्चों की निशुल्क कोचिंग उपलब्ध करवाई। 
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- फोटो : अमर उजाला
नरेंद्र कुमार सूद: पोर्टमोर स्कूल शिमला के प्रधानाचार्य तौर पर शिक्षा के साथ खेलों, सांस्कृतिक गतिविधियों, स्वच्छता और सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों में सराहनीय कार्य किया। परीक्षा परिणाम में बड़े स्तर पर इन्होंने सुधार लाया है। इन्हें शिक्षा के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने पर विभिन्न संस्थानों की ओर से  सम्मानित किया गया है। 2018 में भारत शिक्षा रत्न से भी इन्हें सम्मानित किया गया है। 

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- फोटो : अमर उजाला
कुमारी देकित डोलकर : रावमापा काजा ने प्रधानाचार्य ने शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई कार्य किए हैं। कोरोना संकट के बीच प्रधानाचार्य होते हुए भी बच्चों के घर-घर जाकर पढ़ाई करवाई और नोट्स उपलब्ध करवाए। हर घर पाठशाला योजना को सफलतापूर्वक चलाया। इनका चयन सरकार से गठित कमेटी की ओर से किया गया है।
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- फोटो : अमर उजाला
उत्तम सिंह: राउपा धरोटधार बगस्याड के मुख्य अध्यापक ने मंडी में जिन भी स्कूलों में सेवाएं दी हैं वहां के परीक्षा परिणाम बहुत अच्छे रहे हैं। शिक्षा के साथ खेलों, स्वच्छता, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सराहनीय कार्य किया है। राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए इनका चयन प्रदेश सरकार की ओर से गठित कमेटी की ओर से किया गया। उत्तम सिंह मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
दयानंद शर्मा : रावमापा पाठशाला गढ़ाकुफर, शिमला में प्रवक्ता के पद पर इन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में बीते पांच साल के दौरान सौ फीसदी परीक्षा परिणाम दिया है। राष्ट्रीय सेवा योजना, भारत स्काउट एंड गाइड व सांस्कृतिक गतिविधियों को विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। स्कूल में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ने के लिए विशेष प्रयाय किए। इससे विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
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- फोटो : अमर उजाला
राकेश कुमार वालिया : रावमापा प्रवक्ता, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बगली, जिला कांगड़ा ने बीते पांच साल में बोर्ड परीक्षाओं में बेहरतीन परिणाम दिए। चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस के क्षेत्र में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इंस्पायर प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जापान के लिए विद्यार्थियों का चयन सुनिश्चित करने को लगातार प्रयास जारी रखे। सांइस क्लब के प्रति बच्चों को प्रेरित किया। 

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- फोटो : अमर उजाला
नरेंद्र कपिला : रावमापा पाठशाला धुंधन में प्रवक्ता के पद तैनात हैं। राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए सरकार की कमेटी ने चयन किया। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने में इन्होंने बेहतरीन कार्य किया। पढ़ाई को लगातार जारी रखने के लिए बच्चों के घर-घर जाकर उन्हें नोट्स उपलब्ध करवाए। सरकार के हर घर पाठशाला योजना का अक्षरक्ष पालन सुनिश्चित करवाया।

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- फोटो : अमर उजाला
हेमकुमार शर्मा : रावमापा पाठशाला जौणाजी, सोलन के डीपीई ने विद्यार्थियों को वॉलीबाल, हाकी और योग में राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिलाई है। अनुशासन, पर्यावरण, सुरक्षा, नशा निवारण के लिए विशेष प्रयास किए हैं। अगस्त 2009 में 42 सदस्यीय दोपहिया और कार से सियाचिन पहुंचकर गढ़वाल रायफल के जवानों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। लिम्का गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में ये दर्ज है। 

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- फोटो : अमर उजाला
दयानंद ठाकुर : रावमापा खरगा, कुल्लू में तैनात डीपीई ने अधिकांश सेवाकाल दुर्गम क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों में व्यतीत किया है। खेलों के अलावा सांस्कृतिक गतिविधियों को विकसित करने और समाज में रंग भेद, जातिवाद जैसी सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए विद्यार्थियों को जागरूक किया। गरीब विद्यार्थियों के लिए इन्होंने समय-समय पर आर्थिक सहायता भी प्रदान करते रहे हैं।

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सुनीता कुमार : प्रशिक्षित कला स्नातक, रामापा कथेड़, सोलन ने बोर्ड परीक्षाओं में बीते पांच साल के दौरान शत प्रतिशत परिणाम दिया है। वर्तमान दौर में कोविड 19 से जूझ रहे पूरे विश्व को बचाने में सामाजिक जागरूकता के लिए और ऑनलाइन अध्यापन के लिए कई वीडियो तैयार किए हैं। इनके वीडियो को काफी अच्छा रिस्पांस मिला है। स्काउट एंड गाइड में भी इन्होंने बेहतरीन कार्य किया है। 

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देवदत्त शर्मा : रावमापा सुल्तानपुर, सोलन के भाषा अध्यापक ने शिक्षण के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में संगीत और प्राचीन संस्कृति के संरक्षण में अथक प्रयास किया है। पर्यावरण, स्वच्छता और मिड डे मील योजना के कार्यों में चलाने में इन्होंने विशेष रुचि दिखाई है। शिक्षा विभाग की ओर से  इन्हें सौंपे गए कार्यों में विद्यार्थियों ने भी बढ़चढ़ कर भाग लिया है।

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तिलक राज शर्मा: रावमापा लंबलू, हमीरपुर के शास्त्री शिक्षक के अथक प्रयासों के चलते इनके विषय में विद्यार्थी बोर्ड की मेरिट सूची में शामिल होते हैं। बीते पांच साल के दौरान बोर्ड कक्षा की परीक्षाओं में इनका परीक्षा परिणाम सराहनीय रहा है। विद्यार्थियों की संख्या को स्कूल में बढ़ाने के लिए सतत प्रयासरत रहने के चलते ही वर्तमान में इनमें स्कूल में नामांकन में बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

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नर्वदा सूद : रावमापा ओच्छाघाट, सोलन के शारीरिक शिक्षा अध्यापक ने खेलों के अलावा योग के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिलाई है। विद्यार्थियों में अनुशासन पालन और नशा निवारण के लिए विशेष प्रयास किए हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से करवाई गई राष्ट्रीय योग ओलंपियाड 2019 सम्मान से इन्हें सम्मानित किया गया है।

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नरेश ठाकुर : राप्रापा हरिपुरधार, सिरमौर के सीएचटी का गत पांच वर्षों का गुणात्मक एवं संख्यात्मक परीक्षा परिणाम प्रशंसनीय रहा है। अपने बच्चों को भी सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाकर समाज के लिए आदर्श स्थापित किया है। नामांकन बढ़ाने के लिए स्कूल में कई अभियान शुरू किए। आसपास के लोगों को भी जागरूक किया। प्रदेश के पिछड़े क्षेत्र में भी सरकारी योजनाएं लागू की।

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विनोद कुमार : राप्रापा बरोहा, बिलासपुर के जेबीटी ने स्वच्छता के क्षेत्र में शानदार कार्य करते हुए अपने स्कूल को जिला में पहला स्थान दिलवाया है। गुणात्मक शिक्षा प्रदान करते हुए बीते पांच साल के दौरान इन्होंने सौ फीसदी परीक्षा परिणाम दिए हैं। राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में इनके स्कूल के कई विद्यार्थी हर साल शामिल होते हैं। ऑनलाइन शिक्षा देने में भी अच्छा कार्य किया है।

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प्रोमिला देवी : राप्रापा झगड़याणी, हमीरपुर की सीएचटी की शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा सांस्कृतिक, खेल एवं स्वच्छता आदि कार्यों में भी विशेष रुचि है। स्कूल में नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाती हैं। इसके परिणामस्वरूप स्कूल में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा है। इनके स्कूल का बीते पांच साल के दौरान परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा है।
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अंजना शर्मा : राप्रापा गेहड़वी, बिलासपुर के जेबीटी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के कार्य करने के लिए हमेशा प्रयासरत रहने के चलते अभिभावकों में सदैव प्रशंसा की पात्र रहती हैं। शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा खेलकूद, पर्यावरण, स्वच्छता और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को हमेशा प्रोत्साहित करती हैं। कर्तव्यनिष्ठा के लिए इन्हें क्षेत्र में जाना जाता है। 
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