सोनम लववंशी
दूसरों की नजरों में अच्छा बनना और हमेशा बने रहना संभव नहीं है। अगर आप भी लगातार दूसरों की नजरों में अच्छा बनने का प्रयास करती हैं तो सतर्क हो जाएं, क्योंकि यह ‘गुड गर्ल सिंड्रोम’ का संकेत हो सकता है। क्या आप ऐसी लड़की हैं, जो सभी का ध्यान और प्यार पाने के लिए हमेशा अच्छी बनी रहना चाहती हैं। अच्छी से आशय है, ऐसी लड़की जिसे जमाना अच्छा समझे, जो सबकी बात सिर झुका कर माने, उनके अनुरूप कपड़े पहने और जैसा वे कहे, बिल्कुल वैसा ही करें। आज लोगों के मन में लड़कियों को लेकर अलग तरह की सोच है। वे मानते हैं कि लड़की सुंदर हो, समझदार हो और सर्वगुण संपन्न हो पर जैसी भी हो उनकी भावनाओं के अनुरूप हो। वे पारंपरिक रीति-रिवाज जानती हो व मानती भी हो और आकर्षक दिखने के साथ ही वह पारिवारिक भी हो।
आज की दुनिया में अच्छी लड़की होना आसान नहीं है, क्योंकि समाज का मानना है कि महत्वाकांक्षी बनो, लेकिन प्राथमिकता में केवल परिवार को रखो! ऐसी स्थिति में लड़कियां दूसरों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की कोशिश में कब अपने आप को बदल लेती हैं, उन्हें खुद भी पता नहीं चलता, जिसे 'गुड गर्ल सिंड्रोम' कहते हैं। यानी अच्छा बनने की कोशिश में अपनी नैसर्गिक क्षमताओं को भुला देना। ऐसे हालात न सिर्फ महिलाओं की पर्सनालिटी पर, बल्कि उनके फैसले लेने की क्षमता पर भी बुरा असर डालते हैं।