इजी मल्टीटास्किंग है सही विकल्प
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सीमाओं का निर्धारण
काम और व्यक्तिगत जीवन के बीच स्पष्ट सीमाएं स्थापित करना महत्वपूर्ण है। आखिर किसी भी कार्य की एक सीमा तो होनी ही चाहिए। अक्सर महिलाएं सब कुछ खुद ही करने की जिम्मेदारी महसूस करती हैं, जिससे तनाव और थकावट बढ़ सकती है। कार्यों का वितरण, चाहे ऑफिस हो या घर का, आवश्यकता पड़ने पर मदद मांगना गलत नहीं है। मदद मांगना बोझ को कम करता है। इसमें परिवार के सदस्यों के साथ घरेलू जिम्मेदारियों को साझा करना या विशिष्ट कार्यों के लिए पेशेवर मदद लेना शामिल है। इसलिए हो सके तो कार्य को बांटे और मदद भी लें।
मल्टीटास्किंग होना पूरी तरह गलत नहीं है, हालांकि यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, दोनों पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है, विशेष रूप से उन महिलाओं पर, जो कई भूमिकाएं निभाती हैं। इन प्रभावों को समझकर और कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए सही तरीके अपनाने होंगे, जिससे आप अपने स्वास्थ्य और जीवन को बेहतर बना सकती हैं। प्राथमिकता, माइंडफुलनेस, शारीरिक गतिविधि, कार्य का वितरण, सीमाएं निर्धारित करना और स्वस्थ जीवन-शैली को अपनाना मल्टीटास्किंग के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने की कुंजी है।
इजी मल्टीटास्किंग है सही विकल्प
दिल्ली के गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल में हृदय रोग विभाग के निदेशक, डॉ. मोहित दयाल गुप्ता बताते हैं, एक समय में सिर्फ एक काम पर ध्यान केंद्रित करने की तुलना में एक साथ दो या ज्यादा काम करना मुश्किल है, लेकिन दो प्रतिशत से भी कम महिलाएं इस मल्टीटास्किंग को कुशलता से करने में सक्षम होती हैं। एक साथ कई कार्य करने से मस्तिष्क और स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ते हैं। यह मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है, क्रोनिक स्ट्रेस और थकान सिंड्रोम को बढ़ता है, अवसाद की स्थिति पैदा करता है और स्मृति पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए आपको ध्यान भटकाने वाली चीजों को खत्म करने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर एक-एक करके पूरा करें। वहीं अव्यवस्थित घर या कार्यस्थल तनाव को बढ़ाता है और आपको एक साथ कई कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। इसलिए अपने स्थान को व्यवस्थित और साफ-सुथरा रखें। योग एवं ध्यान करें। यह मन को शांति और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाता है। ध्यान से मस्तिष्क को फिर से एकाग्रचित रखने में मदद मिलती है। आप सरल मल्टीटास्किंग करें, यानी किसी समस्या को सुलझाते समय टहलने जैसे सरल कार्यों को एक साथ करना आसान है और इससे कोई नुकसान भी नहीं होता है।