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Vinesh Phogat Achievements: ओलंपिक से बाहर हुईं विनेश फोगाट के नाम हैं कई उपलब्धियां

Wed, 07 Aug 2024 03:38 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

देश की दमदार महिला पहलवानों की सूची में शामिल विनेश फोगाट के करियर, संघर्ष और उनकी उपलब्धियों के बारे में।
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विनेश फोगाट - फोटो : Amar Ujala Graphics
Vinesh Phogat : पेरिस ओलंपिक के फाइनल तक पहुंचकर भी विनेश फोगाट पदक से दूर हो गई हैं। उन्हें फाइनल स्पर्धा से पहले ही अधिक वजन के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया। विनेश क्वालिफायर और सेमीफाइनल दौर से पहले वजन मापदंड के भीतर थीं। लेकिन फाइनल में महज कुछ ग्राम अधिक वजन के कारण उन्हें ओलंपिक से बाहर कर दिया गया। उनके साथ ही पूरे देश की उम्मीद कुश्ती में एक पदक से जुड़ गई थी। हालांकि बिना स्पर्धा के हार के बाद भी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोगाट के नाम एक संदेश देते हुए कहा, 'आप हमारी चैंपियन हैं।'

ओलंपिक तक पहुंची विनेश फोगाट का अब तक का सफर आसान नहीं था। रिंग में ट्रेनिंग से सड़क पर प्रदर्शन तक उन्हें संघर्ष करते देखा गया। आइए जानते हैं देश की दमदार महिला पहलवानों की सूची में शामिल विनेश फोगाट के करियर, संघर्ष और उनकी उपलब्धियों के बारे में।
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विनेश फोगाट - फोटो : amar ujala graphics
विनेश फोगाट का जीवन परिचय

विनेश फोगाट का जन्म 25 अगस्त 1994 को हरियाणा के बलाली गांव में हुआ था। विनेश भारत के सबसे प्रसिद्ध कुश्ती परिवार से ताल्लुक रखती हैं। चचेरी बहनों गीता फोगाट और बबीता कुमारी के जरिए उनका परिचय कुश्ती से हुआ। जब फोगाट बहनों में कुश्ती करना शुरू किया तो उनके माता पिता को ताने सुनने को मिले। लेकिन कम उम्र में फोगाट बहनों ने कुश्ती के गुण सीखे।

महज नौ साल की उम्र में विनेश के पिता का अचानक निधन हो गया। उनके ताऊ ने ही अपनी बेटियों के साथ विनेश को भी कुश्ती सिखाई। पुरुषवादी व रूढ़िवादी विचारों को टक्कर देते हुए फोगाट बहनों ने छोटे छोटे बाल कटवाए और निक्कर पहनकर गांव में प्रैक्टिस करने जाने लगीं। 
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विनेश फोगाट - फोटो : https://www.instagram.com/vineshphogat/
विनेश फोगाट की कड़ी ट्रेनिंग 

उन्हें ट्रेनिंग के लिए सुबह साढ़े तीन बजे उठना पड़ता था। बिना घंटों की गिनती किए बिना लगातार प्रैक्टिस करना होता था। गलती पर मार भी पड़ती। ट्रेनिंग की थकान के कारण स्कूल में क्लास के दौरान फोगाट सो जाया करती थीं। उन्हें लंबे बाल रखने की इजाजत नहीं था, क्योंकि लंबे बार उनका ध्यान भटका सकते थे। 

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विनेश फोगाट - फोटो : https://www.instagram.com/vineshphogat/
विनेश फोगाट का करियर

विनेश फोगाट ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 में अपना पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता। फिर 2016 रियो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। हालांकि उस दौरान वह पदक जीतने से चूक गईं। 2018 में राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में स्वर्ण हासिल किया।
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विनेश फोगाट - फोटो : Amar Ujala
विनेश फोगाट की उपलब्धि

फोगाट ने नूर सुल्तान में पहला विश्व चैंपियनशिप पदक हासिल किया और इससे पहले एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर सभी को हैरान कर दिया था। 2021 एशियाई चैंपियनशिप में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। टोक्यो ओलंपिक में शामिल हुईं। राष्ट्रमंडल खेल 2022 में लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक हासिल किया। विनेश फोगाट तीन राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान हैं।

वहीं ओलंपिक के फाइनल तक पहुंचने वाली पहली वह पहली भारतीय महिला हैं, हालांकि फाइनल खेले बिना हार कर वह ओलंपिक से बाहर हो गईं। 
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