marry com
- फोटो : Social Media
कभी हारना नहीं चाहती थी
बचपन से ही चुनौतियां उनकी ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। वो एक बेहद गरीब परिवार से आती हैं, जहां उन्हें एक वक्त का खाना मुश्किल से मिल पाता था, जबकि उनके शरीर को तीन वक्त के खाने की जरूरत थी। उन्होंने कभी अपने घर के कामों को नज़रअंदाज नहीं किया, लेकिन वो हमेशा एक बेहतर जीवन की उम्मीद करती थीं। वो हमेशा सोचती रहती थीं कि वो कैसे अपनी जिंदगी को बदल सकती हैं। वो पढ़ाई में अच्छी नहीं थी, लेकिन खेलों में वो कमाल की थीं। इसमें उन्होंने अपना हाथ आजमाया।
उसी दौरान मणिपुर के डिंग्को सिंह ने बैंकॉक में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। उन्हीं से प्रेरणा लेकर मैरी ने बॉक्सिंग ग्लव्स पहन लिए। वो कहती हैं, "बॉक्सिंग ने मेरी जिंदगी में एक नया अध्याय शुरू किया और मुझे बेहतर ज़िंदगी जीना सिखाया। मैं कभी हारना नहीं चाहती थी, न जिंदगी में, ना ही बॉक्सिंग के रिंग में।"