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Indira Gandhi Death Anniversary: देश की इकलौती महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बारे में जानें रोचक बातें

Mon, 30 Oct 2023 11:10 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

31 अक्तूबर को इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि मनाई जाती है। इस मौके पर जानिए देश की आयरन लेडी (लौह महिला) कही जाने वाली इंदिरा गांधी की कहानी, जो मिसाल बन गई।
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इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि - फोटो : amar ujala
Indira Gandhi Death Anniversary 2023: देश की कई दिग्गज महिलाएं हैं जो नारी शक्ति की मिसाल हैं। इन महिलाओं का जीवन हर किसी के लिए प्रेरणा है। आज के दौर में स्त्री को शिक्षा हासिल करने, सपने देखने, करियर बनाने और आर्थिक तौर पर सशक्त बनने के लिए प्रोत्साहित करने वाली इन्हीं महिलाओं की सूची में एक नाम इंदिरा गांधी का है। इंदिरा गांधी देश की पहली और इकलौती महिला प्रधानमंत्री हैं।

इंदिरा गांधी आजाद भारत की पहली महिला जिन्होंने सरकार बनाई और पूरे भारत का नेतृत्व किया। आजादी के 76 साल में इंदिरा गांधी के बाद से अब तक देश को कोई महिला प्रधानमंत्री नहीं मिली। बतौर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने कार्यकाल में बहुत दमदार फैसले लिए, जिन्होंने पूरे देश में क्रांति ला दी थी। जवाहरलाल नेहरू की राजनीतिक विरासत को संभालते हुए इंदिरा गांधी ने 'गूंगी गुड़िया' के तमगे को हटाया और दमदार महिला के रूप में खुद की पहचान बनाई।

31 अक्तूबर को इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि मनाई जाती है। इस मौके पर जानिए देश की आयरन लेडी (लौह महिला) कही जाने वाली इंदिरा गांधी की कहानी, जो मिसाल बन गई।
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इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि - फोटो : PTI
इंदिरा गांधी का जीवन परिचय

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के घर 19 नवंबर 1917 में बेटी का जन्म हुआ, जिसका नाम इंदिरा रखा गया। राजनीतिक परिवार में जन्मी इंदिरा में गजब की राजनीतिक दूरदर्शिता थी। इंदिरा ने महज 11 वर्ष की आयु में ब्रिटिश शासन के खिलाफ बच्चों की वानर सेवा का गठन किया। 1938 में औपचारिक तौर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुईं और पिता के राजनीतिक कार्यों में उनका हाथ बटांने लगीं।
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जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी - फोटो : amar ujala
परिवार की विरासत की उत्तराधिकारी

जब जवाहर लाल नेहरू का निधन हुआ तो कांग्रेस पार्टी की जिम्मेदारी इंदिरा गांधी के हाथों में आई। वह लाल बहादुर शास्त्री के मंत्रिमंडल में सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहीं। शास्त्री के निधन के बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदार बनाया गया ताकि नेहरू के उत्तराधिकारी के तौर पर उन्हें राजनीति में उतारा जा सके। उस समय तक उन्हें 'गूंगी गुड़िया' समझा जाता था। 1966 में जब इंदिरा गांधी को देश की प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला तब देश ने इस मूक गुड़िया के फैसलों की गूंज सुनी।

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इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि - फोटो : facebook/IndiraPriyadarshiniGandhi
इंदिरा गांधी के दमदार फैसले

बैंकों का राष्ट्रीयकरण

1966 में भारत में महज 500 बैंक शाखाएं थीं। आम आदमी बैंक में पैसा जमा नहीं कर पाता था। बैंकों का लाभ हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया। उनका यह फैसला देश के विकास में महत्वपूर्ण रहा।
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मोरारजी देसाई (बाएं) और तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष एस निजलिंगप्पा के साथ इंदिरा गांधी। - फोटो : सोशल मीडिया
कांग्रेस का विभाजन

कांग्रेस में शामिल कई नेता समझ चुके थे कि इंदिरा गूंगी गुड़िया या साधारण महिला नहीं, राजनीति में उन्हें रोक पाना मुश्किल है। कांग्रेस सिंडिकेट इंदिरा को पद से हटाने की तैयारी करने लगा तो इंदिरा गांधी ने पार्टी का विभाजन करके उस दौर की राजनीति में सबसे दबंग और हिटलरशाही फैसला लिया।
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इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि - फोटो : Social Media
पाकिस्तान से युद्ध और बांग्लादेश की नींव

आजादी के बाद से ही भारत पाकिस्तान के संघर्ष जारी था। पाकिस्तान की कब्जा नीति के कारण बहुत से बंगाली शरणार्थी भारत आने लगे। पाकिस्तान को अमेरिका का समर्थन मिल रहा था लेकिन इंदिरा किसी से नहीं डरी और उन्होंने पूर्वी पाकिस्तान पर हमले का आदेश देते हुए उस इलाके को आजाद कराया और बांग्लादेश के निर्माण में सहयोग दिया।
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पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
आपातकाल

इंदिरा गांधी के शासनकाल का सबसे बड़ा और विवादास्पद फैसला आपातकाल रहा। 1971 में इंदिरा पर चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगा। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1975 के लोकसभा चुनाव को रद्द कर दिया। इंदिरा पर चुनाव न लड़ने का बैन भी लगा दिया गया। विपक्ष इंदिरा से इस्तीफे की मांग करने लगा। हालांकि इंदिरा गांधी ने विपक्ष और कोर्ट के विरुद्ध जाते हुए देश में आपातकाल लगा दिया। प्रेस की आजादी को रोक दिया गया और कई बड़े फेरबदल किए।
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