काफी विचार-विमर्श के बाद सोनाली को ऑफिसर्स क्वार्टर में ठहराया गया। 1999 में सोनाली मरीन इंजीनियरिंग पास कर 1500 छात्रों में देश की पहली महिला मरीन इंजीनियर बन चुकीं थीं। जल्दी ही सोनाली को मोबिल शिपिंग कंपनी में छह महीने के प्री-सी कोर्स में दाखिला मिल गया। इस कोर्स की ट्रेनिंग के लिए उन्हें सिंगापुर, श्री लंका, थाईलैंड, हांगकांग,फिजी और आस्ट्रेलिया भेजा गया।