छोटी सी उम्र में देखा देश सेवा का ख्वाब, नेवी का यूनिफॉर्म पहनी तो पूरा हुआ सपना। वर्दी पहनने वाला महिला या पुरुष नहीं होता है, वो सिर्फ अधिकारी होता है। ऐसी बुलंद सोच वाली सब लेफ्टिनेंट स्पंदना रेड्डी आज सेना में खास कमान संभाल रही हैं। महिलाओं ने जब भी कमान संभाली तब सफलता का परचम लहराया। साइंस, मैनेजमेंट, एजुकेशन, उद्यमिता से लेकर कोई ऐसा सेक्टर नहीं है, जहां महिलाओं ने मेहनत, लगन और साहस के दम पर अपना सिक्का नहीं जमाया हो। ऐसा ही एक नाम है-सब लेफ्टिनेंट स्पंदना रेड्डी।आइए जानते हैं क्या कहा अमर उजाला से एक्सक्लूसिव बातचीत में सब लेफ्टिनेंट स्पंदना रेड्डी ने।