Suicide Cases In Rajasthan: साल दर साल राजस्थान में आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब यह समस्या और भी बड़ी होती दिखाई दे रही हैं, क्योंकि प्रदेश में सामूहिक (पारिवारिक) आत्महत्या के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। शनिवार को अजमेर में पारिवारिक विवाद में एक मां चार बच्चों के साथ कुएं में कूद गई। घटना में बच्चों की मौत हो गई, लेकिन मां बच गई। चार बच्चों की मौत से घर ही नहीं गांव में भी मातम पसरा हुआ है।
प्रदेश के सुसाइड के मामले भी चौंकाने वाले हैं। बीते छह साल में यहां 25 हजार 845 लोग आत्महत्या कर चुके हैं। यह आंकड़ा 2015 से 2020 तक का ही है। इसके अनुसार हर साल आत्महत्या करने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ज्यादातर मामलों में आत्महत्या का कारण, पारिवारिक विवाद, तनाव, बेरोजगारी, मानसिक प्रताड़ना, प्रेम प्रसंग, कर्ज, वैवाहिक जीवन में कलेश, लंबी बीमारी सहित अन्य कारण होते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि मलेरिया, स्तन कैंसर, एड्स और युद्ध से जितने लोगों की मृत्यु नहीं होती उससे ज्यादा आत्महत्याएं हो रही हैं। यह एक गंभीर चिंता का विषय है। प्रदेश की बात करें तो यहां 2020 में 5658, 2019 में 4531, 2018 में 4333, 2017 में 4188, 2016 में 3678 और 2015 में 3457 आत्महत्याएं हुई। छह साल में 25 हजार 845 लोगों ने खुद ही अपनी जान ले ली।
वहीं, बीते दो साल साल में प्रदेश में सामूहिक सुसाइड का खतरनाक ट्रेंड देखने को मिल रहा है। सामूहिक आत्महत्याओं का कोई आंकड़ा तो नहीं है, लेकिन लगातार इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। इस रिपोर्ट में हम आपको पांच बड़े मामले बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं...