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बिन पानी सब सून: यहां तो मनुष्य छोड़िए पशु-पक्षियों के लिए भी पानी नहीं बचा...और जिम्मेदार चैन की नींद ले रहे

Wed, 12 Jun 2024 04:39 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही

सार

बिन पानी सब सून: यहां तो मनुष्य छोड़िए पशु-पक्षियों के लिए भी पानी नहीं बचा...और जिम्मेदार चैन की नींद ले रहे
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हौदियां सूखी - फोटो : अमर उजाला
आज हम माउंटआबू वन्य अभ्यारण्य (सिरोही) क्षेत्र की बात कर रहे हैं। जहां पर तेंदुए, भालू, जंगली सूअर, सांभर, चिंकारा और लंगूर जैसे जानवरों के साथ 250 से ज्यादा प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं।
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सूखी पड़ी हौदियां - फोटो : अमर उजाला
यहां हालत यह है कि भीषण गर्मी के वर्तमान दौर में भी इस वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र में वन्यजीवों के पीने के लिए पानी तक के समुचित प्रबंधों का अभाव बना है। वन्य जीव अभ्यारण्य के अधिकांश क्षेत्रों में बनी पानी की हौदियां सूखी पड़ी होने के साथ ही कचरे से भरी पड़ी हैं। इसके बाद भी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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हौदियां सूखी - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि 288 किलोमीटर में फैला माउंटआबू वन्य अभ्यारण्य क्षेत्र अरावली पर्वतमालाओं से घिरा हुआ है। जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों सहित 112 किस्मों के पौधे और ऑर्किड की कुछ बेहतरीन किस्में पाई जाती हैं। 

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कचरे का ढेर - फोटो : अमर उजाला
यहां मौजूद वनस्पतियों और जीवों की विशाल श्रृंखला के कारण, माउंटआबू अभयारण्य एक इको जोन और जैव विविधता वाला हॉट स्पॉट है। वर्तमान में यहां पर तेंदुए, भालू, जंगली सूअर, सांभर, चिंकारा एवं लंगूर जैसे जानवरों के अलावा 250 से अधिक प्रजातियों के पक्षी रहते हैं। इस अभयारण्य में मुख्य शिकारी पैंथर है। माउंटआबू अभयारण्य में वन्य जीवों के पानी के लिए पीने जगह-जगह हौदियां बनाई गई हैं। इन्हें नियमित रूप से भरा जाना चाहिए। ताकि वन्यजीव पानी के लिए इधर-उधर न भटकें तथा आबादी क्षेत्रों में न जाएं।
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हौदियां सूखी - फोटो : अमर उजाला
इसका जिम्मा संभाले वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इससे कोई सरोकार नहीं है। गर्मी के वर्तमान भीषण दौर में भी अधिकांश हौदियां खाली पड़ी हैं। कई तो कचरा पात्र में तब्दील हो चुकी हैं। जागरुक लोगों द्वारा कई बार विभागीय अधिकारियों का इस ओर ध्यान आकर्षित करने के बाद भी वे बेपरवाह बने हुए हैं। जबकि पूर्व में इन टैंकरों को नियमित रूप से भरवाया जाता था।
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