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Ambaji Dham: शक्ति के उपासकों के लिए बहुत खास ये शक्तिपीठ, यहां गिरा था मां सती का दिल, देखें तस्वीरें

Thu, 10 Oct 2024 09:43 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही

सार

Ambaji Dham: शक्ति के उपासकों के लिए बहुत खास ये शक्तिपीठ, यहां गिरा था मां सती का दिल, देखें तस्वीरें
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अंबाजीधाम शक्तिपीठ। - फोटो : social media
अहमदाबाद, गुजरात और राजस्थान सीमा के पास कडियाद्रा से 50 किलोमीटर दूर स्थित अंबाजीधाम शक्तिपीठ गुजरात के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। इस मंदिर का इतिहास 1200 वर्षों से भी अधिक पुराना है और यह 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। ये पवित्र स्थान पालनपुर से लगभग 65 किलोमीटर, माउंट आबू से 45 किलोमीटर, आबू रोड से 20 किलोमीटर और जयपुर से 185 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
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103 फीट ऊंचा है और सोने से मढ़ा शिखर

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अंबाजीधाम शक्तिपीठ।
मान्यता है कि यहां माता सती का हृदय गिरा था, जिससे इस स्थान का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। सफेद संगमरमर से बना यह मंदिर आरासुर पर्वत पर स्थित है, जिसका शिखर 103 फीट ऊंचा है और सोने से मढ़ा हुआ है। अंबाजीधाम पहुंचने के लिए आपको ट्रेन या सड़क मार्ग से आबूरोड आना पड़ेगा। आबूरोड से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर अंबाजीधाम शक्तिपीठ है। 
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श्रीयंत्र की अनूठी पूजा

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अंबाजी धाम में श्रीयंत्र की अनूठी पूजा।
अंबाजीधाम की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि यहां मां अंबे के साथ श्रीयंत्र की पूजा की जाती है। यह देश का एकमात्र मंदिर है जहां श्रीयंत्र की उपासना होती है। श्रीयंत्र शक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है और यह उपासकों के लिए विशेष महत्व रखता है। मंदिर का गर्भगृह शक्ति उपासना का केंद्र है।

भगवान राम और कृष्ण का संबंध

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अंबाजीधाम शक्तिपीठ।
अंबाजीधाम का संबंध भगवान राम और कृष्ण से भी है। मान्यता है कि यहां भगवान श्रीकृष्ण का मुंडन संस्कार हुआ था। इसके अलावा, भगवान राम भी शक्ति की उपासना के लिए यहां आए थे। यह स्थल पौराणिक काल से ही धार्मिक महत्व का केंद्र रहा है, जहां भक्तों की आस्था आज भी बनी हुई है।
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गब्बर पर्वत और अखंड ज्योत

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गब्बर पर्वत माता की अखंड ज्योत।
मुख्य मंदिर से तीन किलोमीटर दूर गब्बर पर्वत स्थित है, जहां मां अंबे के पैरों और रथ के निशान हैं। यहां एक अखंड ज्योत जल रही है, जो कभी बुझी नहीं है। यह पर्वत अंबाजीधाम की धार्मिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। श्रद्धालु गब्बर पर्वत पर आकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
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नवरात्रि और रोप-वे की सुविधा

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अंबाजीधाम शक्तिपीठ।
नवरात्रि के दौरान अंबाजीधाम में विशेष आयोजन होते हैं, जहां गरबा और सप्तशती पाठ का आयोजन होता है। यह समय श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। गब्बर पर्वत तक पहुंचने के लिए रोप-वे की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे श्रद्धालु आसानी से मंदिर तक पहुंच सकते हैं और मां के दर्शन कर सकते हैं।

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