सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से हुई आरोपियों की पहचान
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नागपुर से जन्मा हत्या का ब्लूप्रिंट
नागपुर में बैठकर रेखा ने सुरेंद्र की हत्या का ब्लूप्रिंट तैयार किया। उसने अपने प्रेमी राजूराम और उसके साथी जीवणराम (23) को इस योजना में शामिल किया। योजना अत्यंत सरल लेकिन घातक थी। सुरेंद्र को सुनसान स्थान पर रोकना, हेलमेट उतारते ही चाकू से ताबड़तोड़ वार करना और पुलिस को भ्रमित करने के लिए मोबाइल व बाइक पर असली नंबर प्लेट बिल्कुल न रखना। इसके लिए चोरी की मोटरसाइकिल का प्रयोग किया गया।
29 नवंबर 2025 को रेखा ने सुरेंद्र के बोरवाड़ जाने की जानकारी प्रेमी राजूराम को दी। दोनों आरोपी दिनभर उसकी रेकी करते रहे, लेकिन देर शाम तक कामयाबी नहीं मिली। सुरेंद्र रास्ते में उनसे मिला तो उन्होंने रास्ता भटकने की कहानी सुनाकर उसे रोका। जैसे ही सुरेंद्र हेलमेट उतारकर बाइक से नीचे उतरा, चाकू चमके और सुरेंद्र पर कई वार किए गए। आरोपी बोला कि चाकू दे मुझे, तू देर लगाएगा। पीठ और गले पर ताबड़तोड़ वारों के चलते मौके पर ही सुरेंद्र की मौत हो गई। शव सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया गया ताकि दुर्घटना जैसी स्थिति दिखाई दे।