भारतीय सेना के बहादुर जवान कुंभकरण सिंह राठौड़ का पार्थिव शरीर शनिवार को चूरू के तारानगर तहसील के तोगावास गांव पहुंचा। उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते हैं हर आंख नम हो गई। तिरंगे में लिपटे बेटे को देख परिजनों का रो-रोकर बुर हाल था।
कुछ देर बाद सेना के जवानों की उपस्थिति में उनका पार्थिव शरीर बक्से के मुक्ति धाम लाया गया। इस दौरान रास्ते भर 'जब तक सूरज चांद रहेगा कुंभकर्ण सिंह तेरा नाम रहेगा'... और भारत मां के जयकारे लगते रहे। मुक्तिधाम में शहीद का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के भतीजे विजेंद्र सिंह ने उनकी चिता को अग्नि दी।