कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक
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श्रीगंगानगर के सीमावर्ती क्षेत्र में हाई अलर्ट, कलेक्टर ने की अहम बैठक
राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्र में जारी हाई अलर्ट को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नशा मुक्ति केंद्र, वृद्धाश्रम, निराश्रित गृह, होटल एसोसिएशन और कोचिंग संस्थानों के संचालक शामिल हुए।
बैठक के दौरान कलेक्टर डॉ. मंजू ने उपस्थितजनों से राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिगत सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रीगंगानगर सीमावर्ती जिला है, इसलिए यहां विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है। बाहरी व्यक्तियों की पहचान, उनके दस्तावेजों की जांच और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी अत्यंत जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तत्काल प्रभाव से पुलिस को दी जाए और संबंधित रिकॉर्ड भी नियमित रूप से संधारित किया जाए।
कलेक्टर ने होटल और लॉज संचालकों से कहा कि अपने यहां अधिक समय तक रुकने वाले व्यक्तियों की जानकारी पुलिस से साझा करें। उन्होंने 'नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान' की चर्चा करते हुए सभी संस्थानों से बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने में सक्रिय सहयोग की अपील की।
बैठक में मौजूद डीआईजी गौरव यादव ने भी सुरक्षा संबंधी उपायों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि होटल, पीजी, कोचिंग सेंटर, नशा मुक्ति केंद्र और निराश्रित गृहों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाया जाए। बिना जांच के किसी को ठहरने की अनुमति न दी जाए, क्योंकि यह आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है।
डीआईजी ने कहा कि आमजन भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देकर पुलिस की मदद कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस अवसर पर एडीएम सतर्कता रीना, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक वीरेंद्र पाल सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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