तीज माता की सवारी
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सावन की रिमझिम फुहारों के बीच तीज की सवारी पूरे हर्ष उल्लास के साथ सिटी पैलेस से निकाली गई। इस बार शोभा यात्रा में आएसी व जैल बैंड द्वारा प्रस्तुतियों से वातावरण गुंजायमान हो गया। दर्शक भी तीज की सवारी देख झूमते हुए दिखाई दिए। लोक कलाकारों द्वारा जनानी ड्योढ़ी, छोटी चौपड़ व ताल कटोरा तक मार्ग पर तथा मार्ग में बनाए गए मंचों पर आकर्षक प्रस्तुतियां दी गई, जिसे देखकर दर्शक झूम गए और समूचे उल्लास व जोश के साथ एक-एक प्रस्तुति का आनंद लेते हुए दिखाई दिए। ढोल नगाडों की गूंज से सभी मन्त्रमुग्ध हो गए। लगातार हो रही रिमझिम में भी न तो दर्शकों का उत्साह कम हुआ और न ही कलाकारों कला प्रदर्शन का जूनून। कलाकारों ने एक से एक बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर वातावरण को अद्भुत और भव्य बना दिया। शाही हाथी, सजे हुए ऊंट और उन पर सवार लंबी-लंबी मूंछ लहराते राजस्थानी वेशभूषा में पुरुष, घोड़े, शान से सजी हुई पालकियां, देवी देवताओं का रूप धारण किए हुए बहुरुपियों के साथ ही उछल कूद करते बन्दर रूपी बहुरुपिये दर्शकों में कोलाहल मचा रहे थे। कालबेलिया कलाकार, कच्छी घोड़ी, नर्तक, बैंड बाजों की स्वरलाहरियों के साथ लोक कलाकारों की मनोहारी प्रस्तुति और आतिशबाजी के आयोजन ने सम्पूर्ण आयोजन को अद्वितीय बना दिया।