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Jaipur: धरना दे रहीं वीरांगनाओं को पुलिस ने देर रात उठाया, MP मीणा की तबीयत बिगड़ी, SMS में भर्ती, जानें मामला

Fri, 10 Mar 2023 05:29 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

सांसद मीणा ने ट्वीट कर कहा- पुलिस ने मुझे मारने की कोशिश की, लेकिन वीरांगनाओं, युवा, बेरोजगारों और गरीबों के आशीर्वाद से बच गया। मुझे चोट आई है। गोविंदगढ़ अस्पताल से मुझे जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल रेफर किया गया है।
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भाजपा सांसद मीणा एसएमएस अस्पताल में भर्ती। - फोटो : अमर उजाला
पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों की वीरांगनाएं पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के घर के बाहर बीते कई दिन से धरना दे रहीं थी। गुरुवार को ये वीरांगनाएं सीएम अशोक गहलोत से मिलने जा रहीं थी, इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोक लिया। धक्का-मुक्की और पुलिस से हुई नोंक-झोंक के बीच एक वीरांगना की तबीयत बिगड़ गई, लेकिन उसने इलाज कराने से मना कर दिया। इसके बाद वीरांगनाएं धरना स्थल पर पहुंची और एक बार फिर चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती धरना जारी रहेगा। 
इधर, गुरुवार देर रात करीब तीन बजे पुलिस ने वीरांगनाओं का धरना जबरन खत्म करा दिया। पुलिस ने तीनों वीरांगनाओं को धरना स्थल से उठाया और उनके घर पर पहुंचा दिया। उधर, अब पुलिस ने भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा को भी हिरासत में ले लिया है। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। 

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भरतपुर के नगर अस्पताल में वीरांगना सुंदरी को भर्ती कराया गया है। - फोटो : अमर उजाला
आरोप है कि पुलिस की हाथापाई में सांसद मीणा को चोट लगी है, उन्हें इलाज के लिए गोविंदगढ़ सीएचसी लाया गया, जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसी बीच सांसद की गिरफ्तारी की जानकारी लगते ही उनके समर्थकों ने आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सांसद मीणा को ना तो हिरासत में लिया गया है और ना ही उन्हें गिरफ्तार किया गया है। 

दरअसल, सांसद किरोड़ी लाल मीणा दोपहर 12 बजे सामोद हनुमान जी मंदिर में दर्शन करने के लिए जा रहे थे। पूजा-अर्चना के बाद वे वीरांगना मंजू जाट के परिजनों से मिलने के लिए उनके घर जाने वाले थे, लेकिन पुलिस ने सामोद थाने के पास उन्हें रोक लिया। इस तरह रोके जाने को लेकर सांसद मीणा और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई।

करीड़ डेढ़ घंटे तक पुलिस ने सांसद मीणा को सड़क पर ही रोके रखा। इसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारियों ने उन्हें वापस जाने के लिए कहा, लेकिन वे नहीं माने। जिसके बाद सांसद को जबरन मौके से हटाया गया, आरोप है कि इसी दौरान सांसद मीणा को चोट लगी और उनकी तबीयत बिगड़ गई।  

इसे लेकर सांसद मीणा ने ट्वीट कर कहा- पुलिस ने मुझे मारने की कोशिश की, लेकिन वीरांगनाओं, युवा, बेरोजगारों और गरीबों के आशीर्वाद से बच गया। मुझे चोट आई है। गोविंदगढ़ अस्पताल से मुझे जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल रेफर किया गया है।
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गुरुवार को मुंह में घास दबाकर सीएम हाउस पहुंची थीं वीरांगनाएं। - फोटो : सोशल मीडिया
मुंह में घास दबाकर किया था प्रदर्शन
धरने पर अपने परिवार के साथ बैठीं तीन वीरांगनाओं ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात के लिए सीएम हाउस की ओर कूच किया था। इस दौरान उनके साथ भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा भी मौजूद थे। तीनों वीरांगनाएं मुंह में घास दबाकर सीएम हाउस की ओर बढ़ रहीं थी, लेकिन राजभवन चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया था। इस दौरान हुई झड़प में एक वीरांगना की तबीयत बिगड़ गई थी, लेकिन उसने इलाज के लिए अस्पताल जाने से मना कर दिया था। विरोध के बाद वीरांगनाएं एक बार फिर सचिन पायलट के घर के बाहर आकर धरने पर बैठ गईं थीं। 

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मुंह में घास दबाकर सड़क पर लेटी वीरांगनाएं। - फोटो : अमर उजाला
रात तीन बजे उठा ले गई पुलिस
वीरांगनाए अपने परिजनों के साथ धरना स्थल पर मौजूद थीं। गुरुवार देर रात करीब तीन बजे पुलिस मौके पर पहुंची और उनका धरना जबरन खत्म करा दिया। पुलिस ने तीनों वीरांगनाओं को अलग-अलग एंबुलेंस से उनके घर भेज दिया। इस दौरान उनके परिजनों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार भी लिया गया।  

इधर, एक वीरांगना सुंदरी देवी गुर्जर को पुलिस ने जबरन भरतपुर के नगर अस्पताल में भर्ती कराया है। अस्पातल के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस के जवान तैनात हैं। परिवार वालों का आरोप है पुलिस उन्हें किसी से मिलने नहीं दे रही है। 
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सचिन पायलट के आवास के बाहर धरने पर बैठी थीं वीरांगनाएं। - फोटो : अमर उजाला
धरने पर बैठीं वीरांगनाएं कौंन और क्या हैं मांगे
पुलवामा हमले में शहीद हुए तीन जवानों की वीरांगनाएं धरने पर बैठी हैं वीरांगना मंजू जाट और सुंदरी देवी देवर के लिए सरकारी नौकरी की मांग कर रही हैं।  वहीं, शहीद हेमराज मीना की पत्नी सांगोद चौराहे पर उनकी मूर्ति लगाए जाने और एक स्कूल का नामकरण शहीदों के नाम पर करने की मांग कर रही हैं। इसके अलावा वीरांगनाएं बदसलूकी करने वाले पुलिसवालों पर भी कार्रवाई करने की मांग कर रहीं हैं। 
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सीएम अशोक गहलोत। - फोटो : सोशल मीडिया
मांग पर सीएम गहलोत ने ये कहा था
इस पूरे मामले को लेकर सीएम अशोक गहलोत ने कहा था कि शहीद हेमराज मीणा की पत्नी उनकी तीसरी मूर्ति एक चौराहे पर स्थापित करवाना चाहती हैं जबकि पूर्व में शहीद की दो मूर्तियां राजकीय महाविद्यालय सांगोद के प्रांगण और उनके पैतृक गांव विनोद कलां स्थित पार्क में स्थापित की जा चुकी है। ऐसे में ये मांग अन्य शहीद परिवारों को दृष्टिगत रखते हुए उचित नहीं है। शहीद रोहिताश लांबा की पत्नी अपने देवर के लिए अनुकम्पा नियुक्ति मांग रही हैं।

अगर, शहीद लांबा के भाई को नौकरी दे दी जाती है तो आगे सभी वीरांगनाओं के परिजन-रिश्तेदार उनके और उनके बच्चे के हक की नौकरी अन्य परिजन को देने का अनुचित सामाजिक एवं पारिवारिक दबाव डालने लग सकते हैं। क्या हमें वीरांगनाओं के सामने एक ऐसी मुश्किल परिस्थिति खड़ी करनी चाहिए, क्योंकि वर्तमान में बनाए गए नियम पूर्व के अनुभवों के आधार पर ही बनाए गए हैं। ऐसे में शहीदों के बच्चों का हक मारकर किसी अन्य रिश्तेदार को नौकरी देना कैसे उचित ठहराया जा सकता है? जब शहीद के बच्चे बालिग होंगे तो उन बच्चों का क्या होगा?
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